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दहेज हत्या में सास, देवर को दस वर्ष कैद, जुर्माना
Updated Tue, 12 Jun 2018 07:40 PM IST
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दहेज हत्या में सास, देवर को दस साल की कैद, जुर्माना
पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने दहेज हत्या के आरोपी मां-बेटे को दोषी पाकर 10 वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सजा पाने वाली मां विवाहिता की सास है, जबकि बेटा विवाहिता का देवर है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध अमित पाठक ने बताया की घटना की रिपोर्ट 26 अक्तूबर 2015 को थाना हजारा पर जनपद खीरी लखीमपुर के थाना पलिया के गांव गजरौला निवासी शीला देवी ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी पुत्री ज्योति का विवाह जून 2015 में थाना हजारा के शांति नगर निवासी दुखती के पुत्र रामायण के साथ हुआ था। रामायण चेन्नई में काम करता है। उसकी गैरमौजूदगी में शादी में कम दहेज मिलने का ताना देकर सास कैलाशी देवी व देवर मंगू उर्फ अजय कुमार ज्योति को मारपीट कर पीड़ित करते थे। 25 अक्तूबर 2015 को शाम सात बजे ज्योति ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि सास व देवर मारपीट कर रहे हैं और मिट्टी का तेल डालकर जलाने की धमकी दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार दहेज की मांग को लेकर सास और देवर ने ज्योति की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद सास और देवर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने ज्योति की सास और देवर को दोषी पाकर दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक को पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने दहेज हत्या के आरोपी मां-बेटे को दोषी पाकर 10 वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सजा पाने वाली मां विवाहिता की सास है, जबकि बेटा विवाहिता का देवर है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध अमित पाठक ने बताया की घटना की रिपोर्ट 26 अक्तूबर 2015 को थाना हजारा पर जनपद खीरी लखीमपुर के थाना पलिया के गांव गजरौला निवासी शीला देवी ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी पुत्री ज्योति का विवाह जून 2015 में थाना हजारा के शांति नगर निवासी दुखती के पुत्र रामायण के साथ हुआ था। रामायण चेन्नई में काम करता है। उसकी गैरमौजूदगी में शादी में कम दहेज मिलने का ताना देकर सास कैलाशी देवी व देवर मंगू उर्फ अजय कुमार ज्योति को मारपीट कर पीड़ित करते थे। 25 अक्तूबर 2015 को शाम सात बजे ज्योति ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि सास व देवर मारपीट कर रहे हैं और मिट्टी का तेल डालकर जलाने की धमकी दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार दहेज की मांग को लेकर सास और देवर ने ज्योति की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद सास और देवर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह ने ज्योति की सास और देवर को दोषी पाकर दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक को पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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