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फसल के अवशेष न जलाएं किसान -डॉ. गजेंद्र
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:24 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह नेे कहा कि किसान भाई खेतों में फसलों के अवशेष न जलाएं। खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण होता है।
कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के तत्वाधान में कृषि विज्ञान केंद्र में बृहस्पतिवार को आयोजित किसान गोष्ठी का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि किसान भाई खेतों में फसलों के अवशेष न जलाएं। खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने किसानों को बताया कि मृदा के अंदर कार्बनिक पदार्थों का स्तर घटता जा रहा है और अनेक दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग में लाई जाने वाली मशीनों के द्वारा कार्य करने एवं उनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ सस्य वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने किसानों को धान एवं गन्ने में आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। आगामी रबी की फसल सरसों, गेहूं में उर्वरक प्रबंधन सस्य क्रियाओं की जानकारी दी। केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक सहसंयोजक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने फसल अवशेषों विशेषकर धान की पुआल व गन्ने की पत्तियों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं उनके दुष्परिणाम के बारे में बताया। इस दौरान डॉ. सरिता जोशी, डॉ. भूपेंद्र सिंह, किसान, राजपाल, विरेंद्र, प्रमोद, संजीव, जितेंद्र, हरबीर, विक्रम, हरपाल सिंह, तेजबीर, चंद्रपाल, सुखबीर सिंह, विपिन आदि रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के तत्वाधान में कृषि विज्ञान केंद्र में बृहस्पतिवार को आयोजित किसान गोष्ठी का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि किसान भाई खेतों में फसलों के अवशेष न जलाएं। खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने किसानों को बताया कि मृदा के अंदर कार्बनिक पदार्थों का स्तर घटता जा रहा है और अनेक दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग में लाई जाने वाली मशीनों के द्वारा कार्य करने एवं उनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ सस्य वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने किसानों को धान एवं गन्ने में आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। आगामी रबी की फसल सरसों, गेहूं में उर्वरक प्रबंधन सस्य क्रियाओं की जानकारी दी। केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक सहसंयोजक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने फसल अवशेषों विशेषकर धान की पुआल व गन्ने की पत्तियों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं उनके दुष्परिणाम के बारे में बताया। इस दौरान डॉ. सरिता जोशी, डॉ. भूपेंद्र सिंह, किसान, राजपाल, विरेंद्र, प्रमोद, संजीव, जितेंद्र, हरबीर, विक्रम, हरपाल सिंह, तेजबीर, चंद्रपाल, सुखबीर सिंह, विपिन आदि रहे।
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