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नर्मदा की कथा सुनाई
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:41 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
बाल साध्वी राधा देवी ने नर्मदा पुराण कथा का व्याख्यान कर नर्मदा के घाटों की सच्चे मन से परिक्रमा करने से मनुष्य को सभी कष्टों से निजात मिल जाती है।
क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा स्थित श्री बालाजी धाम में चल रही श्री नर्मदा पुराण कथा के छठे दिन शनिवार को महामंडलेश्वर भैया दास महाराज के सानिध्य में चल रही श्री नर्मदा कथा के दौरान बाल साध्वी राधा देवी ने नर्मदा की महिमा सुनाते हुए कहा कि शूल पाणी स्वर देवी का बड़ा स्थान है। यहां पर भी लोग रहते हैं। जो परिक्रमा करने वाले उन भक्तों को भी लूट लेते है, जो मुंह से ग्रसित है। जो गठिया बांधकर अपने साथ चलते है और माया से प्यार करते हैं। ऐसे परिक्रमा वासियों को वहा लोग मां का भाई यानी मामा कहते हैं। भगवान शिव के परम भक्त और मां नर्मदा को अपनी बहन मानते हैं। मां नर्मदा के घाटों की जो सच्चे मन से परिक्रमा करते हैं। मां नर्मदा उनके सभी दुखों का हरण कर उनके जीवन को सुखदायी बना देती है। सभी को भगवान शिव एवं मां नर्मदा की सच्चे मन से भक्ति करनी चाहिए और अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है।
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बाल साध्वी राधा देवी ने नर्मदा पुराण कथा का व्याख्यान कर नर्मदा के घाटों की सच्चे मन से परिक्रमा करने से मनुष्य को सभी कष्टों से निजात मिल जाती है।
क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा स्थित श्री बालाजी धाम में चल रही श्री नर्मदा पुराण कथा के छठे दिन शनिवार को महामंडलेश्वर भैया दास महाराज के सानिध्य में चल रही श्री नर्मदा कथा के दौरान बाल साध्वी राधा देवी ने नर्मदा की महिमा सुनाते हुए कहा कि शूल पाणी स्वर देवी का बड़ा स्थान है। यहां पर भी लोग रहते हैं। जो परिक्रमा करने वाले उन भक्तों को भी लूट लेते है, जो मुंह से ग्रसित है। जो गठिया बांधकर अपने साथ चलते है और माया से प्यार करते हैं। ऐसे परिक्रमा वासियों को वहा लोग मां का भाई यानी मामा कहते हैं। भगवान शिव के परम भक्त और मां नर्मदा को अपनी बहन मानते हैं। मां नर्मदा के घाटों की जो सच्चे मन से परिक्रमा करते हैं। मां नर्मदा उनके सभी दुखों का हरण कर उनके जीवन को सुखदायी बना देती है। सभी को भगवान शिव एवं मां नर्मदा की सच्चे मन से भक्ति करनी चाहिए और अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है।