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पिछले साल से चार लाख कम पर हुआ मछली नीलामी का ठेका
Updated Sun, 30 Jul 2017 06:30 PM IST
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माधोटांडा/पीलीभीत। प्रदेश की योगी सरकार ने सभी ठेके ई टेंडर व्यवस्था के तहत देने के आदेश दिए हैं, लेकिन हेडवर्क्स खंड बाइफरकेशन की नहरों में मछली नीलामी का ठेका बोली लगाकर किया गया। इसके चलते मछली नीलामी का ठेका ठेकेदारों के आपस में पूल होने के चलते महज एक लाख पांच हजार रुपये में शराफत के नाम छूटा, जबकि गत वर्ष यह ठेका पांच लाख रुपये में हुआ था।
सिंचाई विभाग की हेड वर्क्स खंड हर साल बाइफरकेशन की शारदा मुख्य नहर, हरदोई बंच, सब सीडरी हरदोई ब्रांच और शारदा सागर फीडर में मछली पकड़ने का नीलामी ठेका करती है। चालू वर्ष के लिए भी मछली ठेके की प्रक्रिया शुरू की गई। हेड वर्क्स खंड के अधिकारियों ने ऑनलाइन नीलामी न कराकर सहायक अभियंता की जगह मात्र एक जेई को भेजकर यह नीलामी ठेका करा दिया। बताते हैं कि ठेकेदारों ने आपस में पूल कर लेने से इस बार यह नीलामी ठेका मात्र एक लाख पांच हजार रुपये में ले लिया, जबकि गत वर्ष यह नीलामी बोली पांच लाख रुपये में छूटी थी। बताते हैं कि नीलामी प्रक्रिया सहायक अभियंता की मौजूदगी में होना चाहिए थी। गत वर्ष से चार लाख रुपये से कम पर हुए ठेके को लेकर यह नीलामी बोली खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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सिंचाई विभाग की हेड वर्क्स खंड हर साल बाइफरकेशन की शारदा मुख्य नहर, हरदोई बंच, सब सीडरी हरदोई ब्रांच और शारदा सागर फीडर में मछली पकड़ने का नीलामी ठेका करती है। चालू वर्ष के लिए भी मछली ठेके की प्रक्रिया शुरू की गई। हेड वर्क्स खंड के अधिकारियों ने ऑनलाइन नीलामी न कराकर सहायक अभियंता की जगह मात्र एक जेई को भेजकर यह नीलामी ठेका करा दिया। बताते हैं कि ठेकेदारों ने आपस में पूल कर लेने से इस बार यह नीलामी ठेका मात्र एक लाख पांच हजार रुपये में ले लिया, जबकि गत वर्ष यह नीलामी बोली पांच लाख रुपये में छूटी थी। बताते हैं कि नीलामी प्रक्रिया सहायक अभियंता की मौजूदगी में होना चाहिए थी। गत वर्ष से चार लाख रुपये से कम पर हुए ठेके को लेकर यह नीलामी बोली खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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