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जांच के अभी भी करना पड़ेगा लंबा इंतजार
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मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग ने कूकड़ा के एएनएम सेंटर में आमजन की सुविधा के लिए लैब की शुरूआत कर दी है, लेकिन संभावित तीसरी लहर में इस लैब से भी पूरी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। लैब में कोरोना के नए स्वरूप की जानकारी नहीं मिल सकेगी। ऐसे में ओमिक्रॉन का प्रकोप फैला, तो लोगों को रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ेगा। निजी अस्पतालों और लैब में महंगी फीस देकर ही जांच करानी पड़ेगी, जिससे आमजन के सामने संकट खड़ा हो जाता है। कूकड़ा लैब में सिर्फ आरटीपीसीर जांच की सुविधा है, जिससे व्यक्ति के संक्रमित होने का ही पता चल पाता है। इसके अलावा जानकारी फिलहाल नहीं मिल रही है।
संक्रमितों की मंगा रहे जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग अब ओमिक्रॉन की जांच के लिए संक्रमितों के सैंपल दिल्ली भेजता है। कोरोना पॉजिटिव आ चुके लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट के लिए सैंपल दिल्ली जाता है, लेकिन देशभर की रिपोर्ट एलएलआरएम में पहुंचने के कारण यहां से रिपोर्ट आने में भी देरी हो रही है। इससे कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन संक्रमण का भी देरी से पता चल सकेगा।
इस तरह एकत्र किए जा रहे सैंपल
तिथि सैंपल
22 दिसंबर 314
23 दिसंबर 533
24 दिसंबर 461
25 दिसंबर 326
कोरोना की जांच में यहां वेटिंग
कोरोना संक्रमण की जांच में भी यहां वेटिंग शुरू हो गई है। रोजाना तीन सौ से ज्यादा सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट अभी दो सौ की ही मिल रही है। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि जो व्यक्ति आरटीपीसीआर में संक्रमित मिल रहे हैं, उनकी ओमिक्रॉन जांच के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। कूकड़ा लैब से अभी करीब दो सौ जांच हो रही है।
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संक्रमितों की मंगा रहे जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग अब ओमिक्रॉन की जांच के लिए संक्रमितों के सैंपल दिल्ली भेजता है। कोरोना पॉजिटिव आ चुके लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट के लिए सैंपल दिल्ली जाता है, लेकिन देशभर की रिपोर्ट एलएलआरएम में पहुंचने के कारण यहां से रिपोर्ट आने में भी देरी हो रही है। इससे कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन संक्रमण का भी देरी से पता चल सकेगा।
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इस तरह एकत्र किए जा रहे सैंपल
तिथि सैंपल
22 दिसंबर 314
23 दिसंबर 533
24 दिसंबर 461
25 दिसंबर 326
कोरोना की जांच में यहां वेटिंग
कोरोना संक्रमण की जांच में भी यहां वेटिंग शुरू हो गई है। रोजाना तीन सौ से ज्यादा सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट अभी दो सौ की ही मिल रही है। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि जो व्यक्ति आरटीपीसीआर में संक्रमित मिल रहे हैं, उनकी ओमिक्रॉन जांच के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। कूकड़ा लैब से अभी करीब दो सौ जांच हो रही है।
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