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Muzaffarnagar News: चार दशक रही विनय की दहशत, पहला अपहरण...आखिरी चोरी

Sun, 28 Dec 2025 12:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Dec 2025 12:50 AM IST
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Vinay's reign of terror lasted for four decades, his first kidnapping... his last theft.
खाईखेड़ी में विनय त्यागी के घर लटका ताला : संवाद
मुजफ्फरनगर। दिल्ली से देहरादून के बीच चार दशक तक खाईखेड़ी गांव के विनय त्यागी उर्फ टिंकू की दहशत रही। पढ़ाई के दौरान 1985 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में अपहरण का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। आखिरी बार देहरादून में डॉ. प्रमोद त्यागी के घर खड़ी कार से जेवर, रुपये और कीमती सामान चोरी के मामले में नाम आया। पुरकाजी ब्लॉक से पत्नी निशी त्यागी को दो बार ब्लॉक प्रमुख बनाया और तीसरी बार चुनाव की तैयारी चल रही थी।
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उत्तराखंड की सीमा पर बसे खाईखेड़ी के किसान परिवार में जन्मा विनय त्यागी का बचपन मेरठ में बीता। पिता सेवाराम मेडिकल कॉलेज में क्लर्क थे। छात्र जीवन से ही इकलौता बेटा अपराध की राह पर चल पड़ा। वर्ष 1985 से अब तक कई मुकदमे दर्ज हुए लेकिन कभी अदालत में आरोप साबित नहीं हुआ।
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वर्ष 1992 और 1993 में रुड़की में लूट, डकैती और जानलेवा हमले के मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद विनय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आखिरी मुकदमा दर्ज कराने वाले देहरादून में रह रहे हापुड़ के डॉ. प्रमोद त्यागी ने बयान में यह भी दावा किया कि विनय ने सौ से ज्यादा अपराध किए हैं।
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आरोप लगाया कि टिंकू हत्या कर लाश गायब कर देता है। उधर, अदालत में जमानत पर सुनवाई के दौरान टिंकू के अधिवक्ता ने कहा कि वह 12 मुकदमों में दोषमुक्त हो चुका है।
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पत्नी को तीसरी बार चुनाव लड़ाने की चल रही थी तैयारी
मुजफ्फरनगर। मेरठ में परिवार के साथ रह रहे विनय ने पहली बार 2006 में गांव का रुख किया। पत्नी को निशि त्यागी को पुरकाजी ब्लॉक की प्रमुख बनवाने में कामयाब रहा। सियासत में यह उसकी पहली कामयाबी थी। साल 2012 में सहारनपुर की देवबंद सीट से खुद विधानसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 2016 में फिर पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाने में कामयाब रहा। 2026 में फिर से चुनाव के मैदान में उतरने की तैयारी चल रही थी। ब्यूरो
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खाईखेड़ी में सन्नाटा, घर पर लटका ताला
पुरकाजी। खाईखेड़ी गांव में सन्नाटा पसरा है। त्यागी के पैतृक मकान पर भी ताला लटका रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अंतिम संस्कार मेरठ में ही किया जाएगा। पुलिस भी जानकारी लेने गांव पहुंची लेकिन आवास पर कोई नहीं मिला। त्यागी के हिस्से में 45 बीघा जमीन है। संवाद
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इस मुकदमे के बाद बढ़ती चली गई मुसीबत
मुजफ्फरनगर। हापुड़ के रहने वाले डॉ. प्रमोद त्यागी का देहरादून में आवास है। यहां पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों की आवाजाही रहती है। इसी साल 14 सितंबर को घर के परिसर में खड़ी कार का शीशा टूटा मिला। कार से नगदी और जेवर चोरी कर लिए गए। नेहरू कॉलोनी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने जांच की तो विनय त्यागी के अलावा खाईखेड़ी के ही हरिओम त्यागी का नाम सामने आया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अदालत से हरिओम त्यागी को जमानत मिल गई लेकिन गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज होने के कारण विनय को जमानत नहीं मिली। इसी मुकदमे के लिए उसे पेशी पर ले जाया जा रहा था। ब्यूरो

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पुरकाजी में सात, छपार में दो मुकदमे
मुजफ्फरनगर। विनय त्यागी पर जिले में दस मुकदमे दर्ज है। इनमें उत्तराखंड के बॉर्डर वाले पुरकाजी थाने में सबसे ज्यादा सात, छपार में दो और नई मंडी थाने में एक मुकदमा दर्ज है। पुरकाजी थाने में वर्ष 1996 में घर में घुसकर हत्या व साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया। खाईखेड़ी निवासी संदीप उर्फ टोनी व उसके बहनोई मेरठ के पिलखुआ निवासी प्रदीप की हत्या का आरोप भी लगाया गया।
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