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ग्रामीणों ने हंगामा कर पुलिस से शव छीना
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देवल गांव में हंगामा कर रहे लोगो को समझाती पुलिस ।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
ग्रामीणों ने हंगामा कर पुलिस से शव छीना
मुजफ्फरनगर, रामराज/मीरापुर। गांव देवल स्थित श्रीअखंड आश्रम के महंत सुखपाल गिरि की बीमारी के चलते मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए शव छीन लिया। बाद में अफसरों के आदेश पर बिना कार्रवाई शव ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया। महंत की आश्रम में ही स्थित मंदिर के पास समाधि बना दी गई।
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव हबीबपुर निवासी महंत सुखपाल गिरी (60) करीब नौ साल से गांव देवल स्थित श्रीअखंड आश्रम में रह रहे थे। करीब एक सप्ताह से महंत सुखपाल गिरी बीमार थे। बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर आश्रम के सेवक महंत को उपचार के लिए बिजनौर ले जा रहे थे, लेकिन गंगा बैराज के निकट उन्होंने दम तोड़ दिया। इस पर महंत के शव को आश्रम ले जाया गया। महंत की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण आश्रम पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर जा पहुंची और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करने लगी। इस पर ग्रामीण भड़क उठे और हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस से जबरन महंत का शव छीनकर आश्रम प्रांगण में रख दिया।
एसओ सुदेश कुमार मौके पर पहुंचे और आला अफसरों को मामले की जानकारी दी। बाद में आश्रम कमेटी द्वारा दी गई लिखित तहरीर पर कार्रवाई न करते हुए शव को उनके सुपुर्द कर दिया गया। एसओ का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच में लग रहा है कि महंत की मौत हृदयगति रुकने से हुई है।
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मुजफ्फरनगर, रामराज/मीरापुर। गांव देवल स्थित श्रीअखंड आश्रम के महंत सुखपाल गिरि की बीमारी के चलते मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए शव छीन लिया। बाद में अफसरों के आदेश पर बिना कार्रवाई शव ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया। महंत की आश्रम में ही स्थित मंदिर के पास समाधि बना दी गई।
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव हबीबपुर निवासी महंत सुखपाल गिरी (60) करीब नौ साल से गांव देवल स्थित श्रीअखंड आश्रम में रह रहे थे। करीब एक सप्ताह से महंत सुखपाल गिरी बीमार थे। बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर आश्रम के सेवक महंत को उपचार के लिए बिजनौर ले जा रहे थे, लेकिन गंगा बैराज के निकट उन्होंने दम तोड़ दिया। इस पर महंत के शव को आश्रम ले जाया गया। महंत की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण आश्रम पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर जा पहुंची और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करने लगी। इस पर ग्रामीण भड़क उठे और हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस से जबरन महंत का शव छीनकर आश्रम प्रांगण में रख दिया।
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एसओ सुदेश कुमार मौके पर पहुंचे और आला अफसरों को मामले की जानकारी दी। बाद में आश्रम कमेटी द्वारा दी गई लिखित तहरीर पर कार्रवाई न करते हुए शव को उनके सुपुर्द कर दिया गया। एसओ का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच में लग रहा है कि महंत की मौत हृदयगति रुकने से हुई है।
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