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तेज चला रहे थे वाहन, चली गई जान
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तेज चला रहे थे वाहन, चली गई जान
मुजफ्फरनगर। रफ्तार से दौड़ाए जा रहे वाहन जिंदगी के लिए काल बन रहे हैं। वाहनों की तेज गति के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। तेज गति के वाहनों के कारण सड़क से गुजर रहे बेकसूर भी हादसे का शिकार हुए हैं।
एक जनवरी 2021 से 20 अप्रैल 2022 तक हादसों में 359 लोगों की मौत हुई है। इनमें दो सौ से ज्यादा लोगों की जान तेज गति से दौड़ाए जा रहे वाहनों ने ली है।
तेज गति वाहनों से इस तरह हुए हादसे
- दिसंबर वर्ष 2021 में मीरापुर क्षेत्र में तेज गति से दौड़ाई जा रही बरात की बस ट्रैक्टर ट्राली से टकराई। दो लोगों की मौत।
- 31 जनवरी की रात कार द्वारा ट्रैक्टर ट्राली में टक्कर मारने पर एक युवक की मौत हो गई।
- 14 फरवरी को मीरापुर में बस की टक्कर लगने पर बाइक सवार तीन वर्षीय बच्ची की मौत। दंपती हुए घायल।
- 18 फरवरी को शहर कोतवाली क्षेत्र में दो स्कूली वाहनों के टकराने पर दो बहन-भाई की मौत। कई हुए घायल।
- 16 मार्च को रतनपुरी में मजदूरी की पिकअप में केंटर द्वारा टक्कर मारने पर बच्ची सहित दो की मौत व 21 लोग हुए घायल।
तेज न चलें
- वाहन कोई भी हो, उसे चलाते समय एक तो यातायात नियमों का पालन अवश्य करें। वाहन को तेज गति से न दौड़ाया जाए। क्योंकि इससे अपनी जिंदगी के साथ ही दूसरे की जिंदगी भी दांव पर लगी रहती है। -संजय मित्तल, व्यापारी नेता
- जब भी हम तेज गति से वाहन चलाते हैं तो एक तरह से हम मानसिक रूप से एक अप्रत्यक्ष तनाव में रहते हैं, इससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए तेज वाहन बिल्कुल न चलाएं। - राहुल गोयल, समाजसेवी
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यह बोले परिजन
हमारा बेटा गौरव फायर पुलिस में बिजनौर में तैनात था। बिजनौर जाते समय बैराज के पास गौरव की बाइक में दौड़ाए जा रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में गौरव की मौत हुई थी। हादसे ने उनके बेटे की जान ली है। इसलिए कोई भी तेज गति से वाहन न दौड़ाए। ताकि दो परिवार सुरक्षित रह सकें। -राजकुमार, सेवानिवृत्त एसआई
-
इन्होंने कहा
तेज गति पर रोक लगाना हो या फिर यातायात नियमों का पालन कराना हो, पुलिस हर स्थिति में कार्रवाई करती है। तेज गति के कारण वाहन से होने वाले हादसे में दो परिवार प्रभावित होते हैं। इसलिए अपने साथ दूसरे की भी जिंदगी को सुरक्षित रखने की बात याद रख कर वाहन चलाना चाहिए। - कुलदीप सिंह, सीओ यातायात।
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मुजफ्फरनगर। रफ्तार से दौड़ाए जा रहे वाहन जिंदगी के लिए काल बन रहे हैं। वाहनों की तेज गति के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। तेज गति के वाहनों के कारण सड़क से गुजर रहे बेकसूर भी हादसे का शिकार हुए हैं।
एक जनवरी 2021 से 20 अप्रैल 2022 तक हादसों में 359 लोगों की मौत हुई है। इनमें दो सौ से ज्यादा लोगों की जान तेज गति से दौड़ाए जा रहे वाहनों ने ली है।
तेज गति वाहनों से इस तरह हुए हादसे
- दिसंबर वर्ष 2021 में मीरापुर क्षेत्र में तेज गति से दौड़ाई जा रही बरात की बस ट्रैक्टर ट्राली से टकराई। दो लोगों की मौत।
- 31 जनवरी की रात कार द्वारा ट्रैक्टर ट्राली में टक्कर मारने पर एक युवक की मौत हो गई।
- 14 फरवरी को मीरापुर में बस की टक्कर लगने पर बाइक सवार तीन वर्षीय बच्ची की मौत। दंपती हुए घायल।
- 18 फरवरी को शहर कोतवाली क्षेत्र में दो स्कूली वाहनों के टकराने पर दो बहन-भाई की मौत। कई हुए घायल।
- 16 मार्च को रतनपुरी में मजदूरी की पिकअप में केंटर द्वारा टक्कर मारने पर बच्ची सहित दो की मौत व 21 लोग हुए घायल।
तेज न चलें
- वाहन कोई भी हो, उसे चलाते समय एक तो यातायात नियमों का पालन अवश्य करें। वाहन को तेज गति से न दौड़ाया जाए। क्योंकि इससे अपनी जिंदगी के साथ ही दूसरे की जिंदगी भी दांव पर लगी रहती है। -संजय मित्तल, व्यापारी नेता
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- जब भी हम तेज गति से वाहन चलाते हैं तो एक तरह से हम मानसिक रूप से एक अप्रत्यक्ष तनाव में रहते हैं, इससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए तेज वाहन बिल्कुल न चलाएं। - राहुल गोयल, समाजसेवी
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यह बोले परिजन
हमारा बेटा गौरव फायर पुलिस में बिजनौर में तैनात था। बिजनौर जाते समय बैराज के पास गौरव की बाइक में दौड़ाए जा रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में गौरव की मौत हुई थी। हादसे ने उनके बेटे की जान ली है। इसलिए कोई भी तेज गति से वाहन न दौड़ाए। ताकि दो परिवार सुरक्षित रह सकें। -राजकुमार, सेवानिवृत्त एसआई
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इन्होंने कहा
तेज गति पर रोक लगाना हो या फिर यातायात नियमों का पालन कराना हो, पुलिस हर स्थिति में कार्रवाई करती है। तेज गति के कारण वाहन से होने वाले हादसे में दो परिवार प्रभावित होते हैं। इसलिए अपने साथ दूसरे की भी जिंदगी को सुरक्षित रखने की बात याद रख कर वाहन चलाना चाहिए। - कुलदीप सिंह, सीओ यातायात।