बेरोजगारी: नाैकरी के बिना न हुई शादी तो बना फर्जी दरोगा, वर्दी में करता था राैब गालिब, ऐसे करता था ठगी
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में फर्जी दरोगा बन वर्दी में लोगों पर राैब गालिब करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह युवक नाैकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रुपये ऐंठता था।
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उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी मुजफ्फरनगर के यश की सरकारी नौकरी नहीं लगी और शादी नहीं हुई तो वह फर्जी दरोगा बन गया। उसने बागपत, शामली, सहारनपुर समेत अन्य जनपदों में युवकों से नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी शुरू कर दी।
बूढ़पुर गांव के सन्नी को पीआरडी में भर्ती कराने का फर्जी नियुक्ति देकर ठगी करने वाले फर्जी दरोगा यश को रमाला पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान यश निवासी मुंडभर थाना भौराकला जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई जो ग्रेजुएट पास है।
दिल्ली से खरीदी खाकी वर्दी, जूते, बेल्ट और नेम प्लेट
पुलिस पूछताछ में यश ने बताया कि बचपन से उसका सपना पुलिस में भर्ती होना था। जिसके लिए कई बार वह पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल भी हुआ, लेकिन कभी लिखित परीक्षा तो कभी शारीरिक परीक्षा में फेल हो जाता।
बेरोजगारी के कारण उसका रिश्ता नहीं हो रहा था। जिसके बाद उसने अपना सपना पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता चुना। वह वर्ष 2014 में दिल्ली गया, जहां से उसने कपड़े की दुकान से यूपी पुलिस दरोगा की वर्दी, बैच, बेल्ट, दो स्टार, नेम प्लेट व जूते खरीदे और फर्जी दरोगा बन गया।
वर्दी पहनकर बढ़ाया मेल-जोल, फिर शुरू की ठगी
फर्जी दरोगा बनकर यश ने वर्दी पहनकर शामली, सहारनपुर, बागपत में अनजान शादियों में आना-जाना शुरू किया। जहां लोगों से मेल-जोल बढ़ाते हुए ठगी की शुरुआत की। शादी कराने के लिए वह रिश्तेदारों और परिचितों पर खुद को दरोगा बताकर रौब गालिब करता था।
बताया कि फर्जी दरोगा यश शामली के किवाना गांव के दीपक, कांधला के महबूब और बूढ़पुर के सन्नी, सहारनपुर के रामपुर निवासी अजय से पुलिस, आर्मी, पीआरडी में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी कर चुका है।
वर्ष 2019 में पकड़ा गया था यश
वर्ष 2019 में शामली जनपद के बुटराड़ा बस स्टैंड पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने फर्जी दरोगा यश को वर्दी में पकड़ा था। पूछताछ के दौरान यश अपनी तैनाती कभी बागपत जिले में छपरौली चुंगी तो कभी बेहट थाने में तैनाती बताता था। आरोपी ने 2015 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती और बाद में प्रमोशन होने पर दरोगा होना बताया।
ऐसे पकड़ा गया फर्जी दरोगा
बताया कि बूढ़पुर गांव के सन्नी को पीआरडी में ढाई लाख रुपये में दरोगा बनाने का झांसा दिया था। जिसके लिए पचास हजार रुपये एडवांस भी लिये और फर्जी नियुक्ति पत्र भी सन्नी को दिया। मंगलवार को फर्जी दरोगा को शेष रकम दो लाख रुपये देने के लिए बुलाया गया, जहां शक होने पर सन्नी के परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर फर्जी दरोगा को पकड़वाया।
फर्जी दरोगा बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में आरोपी को पकड़ा गया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -विजय चौधरी, सीओ, बड़ौत।