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बुखार से एक युवक और किशोरी की मौत, स्वास्थ्य विभाग नहीं जागा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 26 Sep 2016 03:57 PM IST
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महिला की मौत पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली नगर एवं आसपास के इलाकों में जानलेवा बुखार का प्रकोप जारी है। नगर में बुखार से पीड़ित एक युवक और किशोरी की मौत हो गई। वहीं महिलाओं सहित एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग नहीं जागा है। मोहल्ला देवीदास निवासी 29 वर्षीय रवि पुत्र रणबीर पांच दिनों से बुखार से पीड़ित था। रविवार सुबह मेरठ के सुभारती अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके अलावा मोहल्ला इस्लामनगर में 15 वर्षीय शीबा पुत्री चांद की भी बुखार से पीड़ित होने पर उपचार के दौरान रविवार की सुबह मौत हो गई। इसके अलावा मोहल्ला देवीदास में वंदना, चाहत, नैतिक, गीता, माला, ममता, निर्मला, सपना, भागमल, मोहित सहित एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। जिनका अलग-अलग प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। नगर एवं आसपास के इलाकों में भी जानलेवा बुखार का प्रकोप जारी है। इस जानलेवा बुखार से लोगों में दहशत बनी हुई है।
उधर, मीरापुर, जानसठ, भोपा, मोरना में ही जानलेवा बुखार से कई मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी तक नहीं जागा है। नागरिकों ने सीएमओ से नगर के मोहल्लों में कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की है।
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मीरापुर में बुखार से बालक समेत तीन की मौत
क्षेत्र में बुखार का कहर जारी है। विगत 24 घंटे में एक बच्चे समेत तीन मौत हो गई। अब तक बुखार से 20 मौतें हो चुकी हैं। मोहल्ला कमलियान निवासी अकरम की पत्नि रूकैया (52) तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। स्थानीय डॉक्टरों से राहत न मिलने पर परिजन रूकैया को मेरठ ले गये। जहां उपचार के दौरान रूकैया की मौत हो गई। वहीं, मोहल्ला मुश्तर्क निवासी शाहिद के पुत्र शेरू (11) की भी बुखार से मौत हो गई।
शेरू भी पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। उधर, गांव सिकंदरपुर निवासी मौहम्मद जाफर का पुत्र शान मौहम्मद बुखार के चलते तीन दिन से मेरठ के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा था। उपचार के दौरान शनिवार रात में उसकी मौत हो गई। क्षेत्र में लगातार बुखार से हो रही मौत के चलते दहशत व्याप्त है। अब तक बुखार से 20 मौत हो चुकी हैं।
चिकित्सा शिविर में बुखार पीड़ितों की जांच
सीएमओ डॉ सुबोध कुमार के निर्देश पर गांव चुडियाला व मुझेडा में सीएचसी जानसठ के प्रभारी डॉ शरण सिंह की देख रेख में चिकित्सा शिविर लगाये गए। गांव चुडियाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयोजित शिविर में डॉ नंदकिशोर व डॉ वर्षा गर्ग की टीम ने 133 बुखार के रोगियो का परीक्षण किया और दवाईयां दी गयी। शाम चार बजे तक चले शिविर में बुखार पीड़ितों का तांता लगा रहा। उधर, गांव मुझेडा के सरकारी स्कूल में डा एनपी सिंह और डॉ. सौरभ कुमार की टीम ने 104 बुखार रोगियों को उपचार दिया। डॉक्टरों ने पीड़ितों को दवाइयों के साथ साथ बुखार से बचने संबंधी उपाय भी बताए।
पुरकाजी में बुखार से दो लोगों की मौत
पीरपुरा निवासी मुकीम पुत्र अनीस अंसारी गत एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित चल रहा था, जिसका उसके परिजन कस्बे के ही डॉक्टरों से उपचार करा रहे थे। शनिवार को हालत बिगड़ने पर उसके परिजन उसे पुरकाजी अस्पताल ले गए थे। आरोप है कि डॉक्टरों ने उसे अस्पताल पर भर्ती करने से इंकार कर दिया, जिस पर परिजन उसे मुजफ्फरनगर ले गए, जहां पर हालत में सुधार न होने पर उसके परिजन उसे मेरठ ले गए थे ।
वहां जांच में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। वहां पर भी हालत में कोई सुधार न होने पर परिजन उसे वापस घर ले आए, जहां पर रविवार को उसकी मौत हो गई। उधर, कसबे के ही मोहल्ला धोबियान में 40 साल के रियाजुदीन पुत्र वशीर की भी बुखार से मौत हो गई। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सक मुकेश कुमार से जानकारी की गई, तो उनका कहना है कि अस्पताल से किसी मरीज को वापस नहीं किया गया है।
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इसके अलावा मोहल्ला इस्लामनगर में 15 वर्षीय शीबा पुत्री चांद की भी बुखार से पीड़ित होने पर उपचार के दौरान रविवार की सुबह मौत हो गई। इसके अलावा मोहल्ला देवीदास में वंदना, चाहत, नैतिक, गीता, माला, ममता, निर्मला, सपना, भागमल, मोहित सहित एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। जिनका अलग-अलग प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। नगर एवं आसपास के इलाकों में भी जानलेवा बुखार का प्रकोप जारी है। इस जानलेवा बुखार से लोगों में दहशत बनी हुई है।
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उधर, मीरापुर, जानसठ, भोपा, मोरना में ही जानलेवा बुखार से कई मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी तक नहीं जागा है। नागरिकों ने सीएमओ से नगर के मोहल्लों में कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की है।
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मीरापुर में बुखार से बालक समेत तीन की मौत
क्षेत्र में बुखार का कहर जारी है। विगत 24 घंटे में एक बच्चे समेत तीन मौत हो गई। अब तक बुखार से 20 मौतें हो चुकी हैं। मोहल्ला कमलियान निवासी अकरम की पत्नि रूकैया (52) तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। स्थानीय डॉक्टरों से राहत न मिलने पर परिजन रूकैया को मेरठ ले गये। जहां उपचार के दौरान रूकैया की मौत हो गई। वहीं, मोहल्ला मुश्तर्क निवासी शाहिद के पुत्र शेरू (11) की भी बुखार से मौत हो गई।
शेरू भी पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। उधर, गांव सिकंदरपुर निवासी मौहम्मद जाफर का पुत्र शान मौहम्मद बुखार के चलते तीन दिन से मेरठ के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा था। उपचार के दौरान शनिवार रात में उसकी मौत हो गई। क्षेत्र में लगातार बुखार से हो रही मौत के चलते दहशत व्याप्त है। अब तक बुखार से 20 मौत हो चुकी हैं।
चिकित्सा शिविर में बुखार पीड़ितों की जांच
सीएमओ डॉ सुबोध कुमार के निर्देश पर गांव चुडियाला व मुझेडा में सीएचसी जानसठ के प्रभारी डॉ शरण सिंह की देख रेख में चिकित्सा शिविर लगाये गए। गांव चुडियाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयोजित शिविर में डॉ नंदकिशोर व डॉ वर्षा गर्ग की टीम ने 133 बुखार के रोगियो का परीक्षण किया और दवाईयां दी गयी। शाम चार बजे तक चले शिविर में बुखार पीड़ितों का तांता लगा रहा। उधर, गांव मुझेडा के सरकारी स्कूल में डा एनपी सिंह और डॉ. सौरभ कुमार की टीम ने 104 बुखार रोगियों को उपचार दिया। डॉक्टरों ने पीड़ितों को दवाइयों के साथ साथ बुखार से बचने संबंधी उपाय भी बताए।
पुरकाजी में बुखार से दो लोगों की मौत
पीरपुरा निवासी मुकीम पुत्र अनीस अंसारी गत एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित चल रहा था, जिसका उसके परिजन कस्बे के ही डॉक्टरों से उपचार करा रहे थे। शनिवार को हालत बिगड़ने पर उसके परिजन उसे पुरकाजी अस्पताल ले गए थे। आरोप है कि डॉक्टरों ने उसे अस्पताल पर भर्ती करने से इंकार कर दिया, जिस पर परिजन उसे मुजफ्फरनगर ले गए, जहां पर हालत में सुधार न होने पर उसके परिजन उसे मेरठ ले गए थे ।
वहां जांच में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। वहां पर भी हालत में कोई सुधार न होने पर परिजन उसे वापस घर ले आए, जहां पर रविवार को उसकी मौत हो गई। उधर, कसबे के ही मोहल्ला धोबियान में 40 साल के रियाजुदीन पुत्र वशीर की भी बुखार से मौत हो गई। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सक मुकेश कुमार से जानकारी की गई, तो उनका कहना है कि अस्पताल से किसी मरीज को वापस नहीं किया गया है।