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सफेद हाथी बन गया भोपा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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भोपा। भोपा में बीते कई वर्षों से पानी की टंकी, राजकीय आईटीआई स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग सफेद हाथी बनकर खड़ी हैं। सीएचसी के लाखों रुपये कीमत के उपकरण एक कमरे में कैद हैं।
भोपा में कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ था, जो लगभग तीन वर्ष पूर्व पूर्ण भी हो गया था। इसके बावजूद उसे सीएचसी का दर्जा नहीं दिया जा सका है। यहां मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं के बराबर हैं। यहां कभी-कभी रात्रि के समय कोई स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं होता। यहां केवल पीएचसी की तरह ही कार्य किया जाता है। लगभग दो वर्षों से लाखों के स्वास्थ्य संबंधित उपकरण एक कमरे में बंद पड़े हैं। यहां सीएचसी होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
वहीं कस्बे में 21 अप्रैल 2014 में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का कार्य शुरू हुआ था जो 31 मार्च 2016 में पूर्ण हो गया था। इस बिल्डिंग में भी शिक्षण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भोपा ब्लॉक मोरना का शिक्षण कार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जिला मुख्यालय पर चल रहा है। कभी-कभी ही इस आईटीआई में छात्र दिखाई पड़ते हैं। करोड़ों रुपये से बना शिक्षण संस्थान खाली पड़ा है। उधर, कस्बे में लगभग तीन वर्ष पूर्व पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इसी दौरान कस्बे में पानी की सप्लाई के लिए पाइप लाइन भी बिछा दी गई थी लेकिन इसका भी लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है।
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इन्होंने कहा...
- भोपा सीएचसी के लिए स्टॉफ नहीं मिला है। इस संबंध में उच्च स्तर पर पत्र भेजे गए हैं। स्टाफ की उपलब्धता होते ही सीएचसी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
- डा. प्रवीण चोपड़ा, सीएमओ।
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भोपा में कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ था, जो लगभग तीन वर्ष पूर्व पूर्ण भी हो गया था। इसके बावजूद उसे सीएचसी का दर्जा नहीं दिया जा सका है। यहां मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं के बराबर हैं। यहां कभी-कभी रात्रि के समय कोई स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं होता। यहां केवल पीएचसी की तरह ही कार्य किया जाता है। लगभग दो वर्षों से लाखों के स्वास्थ्य संबंधित उपकरण एक कमरे में बंद पड़े हैं। यहां सीएचसी होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
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वहीं कस्बे में 21 अप्रैल 2014 में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का कार्य शुरू हुआ था जो 31 मार्च 2016 में पूर्ण हो गया था। इस बिल्डिंग में भी शिक्षण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भोपा ब्लॉक मोरना का शिक्षण कार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जिला मुख्यालय पर चल रहा है। कभी-कभी ही इस आईटीआई में छात्र दिखाई पड़ते हैं। करोड़ों रुपये से बना शिक्षण संस्थान खाली पड़ा है। उधर, कस्बे में लगभग तीन वर्ष पूर्व पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इसी दौरान कस्बे में पानी की सप्लाई के लिए पाइप लाइन भी बिछा दी गई थी लेकिन इसका भी लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है।
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इन्होंने कहा...
- भोपा सीएचसी के लिए स्टॉफ नहीं मिला है। इस संबंध में उच्च स्तर पर पत्र भेजे गए हैं। स्टाफ की उपलब्धता होते ही सीएचसी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
- डा. प्रवीण चोपड़ा, सीएमओ।