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Muzaffarnagar News: तितावी शुगर मिल के जीएम कुलदीप सिंह का हृदय गति रुकने से निधन
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तितावी। पानीपत-खटीमा हाईवे स्थित तितावी चीनी मिल के महाप्रबंधक (जीएम) कुलदीप सिंह का हृदय गति रुकने से निधन हो गया है। किसानों और चीनी उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जीएम अपने कुशल नेतृत्व और किसानों के साथ बेहतर व्यवहार के लिए जाने जाते थे।
मूल रूप से मेरठ के खानपुर के रहने वाले कुलदीप सिंह (50) ने अपने कॅरियर में चीनी उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तितावी मिल में उनकी नियुक्ति 18 दिसंबर 2024 को हुई थी। इससे पहले वह रोहाना चीनी मिल में भी महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता दिखाई। इसके बाद उन्हें तितावी की जिम्मेदारी दी गई थी।
वह पिछले दो महीने से बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार को चीनी मिल स्थित आवास पर अचानक सीने में तेज दर्द उठा। परिवार और मिलकर्मियों ने उन्हें तत्काल गाजियाबाद के यशोदा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।
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रविवार सुबह दोबारा उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन से न केवल उनके परिवार को गहरा सदमा लगा है, बल्कि चीनी उद्योग जगत में भी शोक की लहर है। सहकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों ने उन्हें एक समर्पित और मेहनती अधिकारी के रूप में याद किया।
उनके नेतृत्व में तितावी शुगर मिल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की। पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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मूल रूप से मेरठ के खानपुर के रहने वाले कुलदीप सिंह (50) ने अपने कॅरियर में चीनी उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तितावी मिल में उनकी नियुक्ति 18 दिसंबर 2024 को हुई थी। इससे पहले वह रोहाना चीनी मिल में भी महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता दिखाई। इसके बाद उन्हें तितावी की जिम्मेदारी दी गई थी।
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वह पिछले दो महीने से बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार को चीनी मिल स्थित आवास पर अचानक सीने में तेज दर्द उठा। परिवार और मिलकर्मियों ने उन्हें तत्काल गाजियाबाद के यशोदा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।
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रविवार सुबह दोबारा उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन से न केवल उनके परिवार को गहरा सदमा लगा है, बल्कि चीनी उद्योग जगत में भी शोक की लहर है। सहकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों ने उन्हें एक समर्पित और मेहनती अधिकारी के रूप में याद किया।
उनके नेतृत्व में तितावी शुगर मिल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की। पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।