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इस बार छोटी-बड़ी दिवाली होगी एक साथ
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इस बार छोटी-बड़ी दिवाली होगी एक साथ
मुजफ्फरनगर। ग्रहों की दुर्लभ स्थिति के चलते सभी के जीवनकाल में पहली बार छोटी व बड़ी दीपावली एक साथ यानि शनिवार को होगी। इससे पहले कब ऐसा दुर्लभ संयोग हुआ, इस बारे में पंडित व ज्योतिषविद् भी नहीं जानते।
वर्ष 2020 में ग्रहों की स्थिति के चलते हिंदू समुदाय के त्योहार काफी हद तक प्रभावित हुए हैं। सवा सौ वर्षों से अधिक समय बाद पहली बार श्राद्ध पक्ष और नवरात्र महोत्सव में एक माह लंबी दूरी रही, जो अधिकमास बीच में आने के कारण हुआ। इसके साथ ही अब ग्रहों की यही स्थिति दिवाली पर बनने जा रही है, जिसके चलते सभी के जीवनकाल में पहली बार छोटी व बड़ी दिवाली एक साथ यानि 14 नवंबर दिन शनिवार को होगी। 13 नवंबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा, जिसके अगले दिन छोटी-बड़ी दिवाली मनाई जाएगी। इसके बाद 15 नवंबर को अन्नकूट व 16 नवंबर को भैय्यादूज का पर्व मनाया जाएगा। इससे पहले ये दुर्लभ संयोग कब या कितने साल पहले हुआ, इसके बारे में किसी भी पंडित या ज्योतिषर्विद को कोई जानकारी नहीं है।
-ज्योतिषर्विद संजय सक्सेना कहते हैं कि इस साल ग्रहों की स्थिति के कारण त्रयोदशी व चतुुर्दशी एक साथ 13 नवंबर को होगी। इसके बाद चतुर्दशी के साथ अमावस्या अगले दिन 14 नवंबर को दोपहर दो बजे से शुरू हो जाएगी। इसके चलते धनतेरस का त्योहार 13 नवंबर को और चतुर्दशी व अमावस्या एक साथ होने से छोटी व बड़ी दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी।
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पंडित गजानन तिवारी का कहना है कि अमावस्या एक दिन पीछे होने के कारण छोटी व बड़ी दिवाली एक ही दिन होंगी।
पंडित ध्यानचंद कुश कहते हैं कि 14 तारीख दिन शनिवार को छोटी व बड़ी दिवाली एक साथ सिद्धी योग में होगी। शनिवार का दिन होने के कारण इस साल दीपावली पर किया जाने वाला मां लक्ष्मी का पूजन सैकड़ों गुना अधिक फल देगा।
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मुजफ्फरनगर। ग्रहों की दुर्लभ स्थिति के चलते सभी के जीवनकाल में पहली बार छोटी व बड़ी दीपावली एक साथ यानि शनिवार को होगी। इससे पहले कब ऐसा दुर्लभ संयोग हुआ, इस बारे में पंडित व ज्योतिषविद् भी नहीं जानते।
वर्ष 2020 में ग्रहों की स्थिति के चलते हिंदू समुदाय के त्योहार काफी हद तक प्रभावित हुए हैं। सवा सौ वर्षों से अधिक समय बाद पहली बार श्राद्ध पक्ष और नवरात्र महोत्सव में एक माह लंबी दूरी रही, जो अधिकमास बीच में आने के कारण हुआ। इसके साथ ही अब ग्रहों की यही स्थिति दिवाली पर बनने जा रही है, जिसके चलते सभी के जीवनकाल में पहली बार छोटी व बड़ी दिवाली एक साथ यानि 14 नवंबर दिन शनिवार को होगी। 13 नवंबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा, जिसके अगले दिन छोटी-बड़ी दिवाली मनाई जाएगी। इसके बाद 15 नवंबर को अन्नकूट व 16 नवंबर को भैय्यादूज का पर्व मनाया जाएगा। इससे पहले ये दुर्लभ संयोग कब या कितने साल पहले हुआ, इसके बारे में किसी भी पंडित या ज्योतिषर्विद को कोई जानकारी नहीं है।
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-ज्योतिषर्विद संजय सक्सेना कहते हैं कि इस साल ग्रहों की स्थिति के कारण त्रयोदशी व चतुुर्दशी एक साथ 13 नवंबर को होगी। इसके बाद चतुर्दशी के साथ अमावस्या अगले दिन 14 नवंबर को दोपहर दो बजे से शुरू हो जाएगी। इसके चलते धनतेरस का त्योहार 13 नवंबर को और चतुर्दशी व अमावस्या एक साथ होने से छोटी व बड़ी दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी।
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पंडित गजानन तिवारी का कहना है कि अमावस्या एक दिन पीछे होने के कारण छोटी व बड़ी दिवाली एक ही दिन होंगी।
पंडित ध्यानचंद कुश कहते हैं कि 14 तारीख दिन शनिवार को छोटी व बड़ी दिवाली एक साथ सिद्धी योग में होगी। शनिवार का दिन होने के कारण इस साल दीपावली पर किया जाने वाला मां लक्ष्मी का पूजन सैकड़ों गुना अधिक फल देगा।