फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The wounds of the victims of violence did not apply ointment

सीएए बवाल- -- पीड़ितों के जख्म उकेर रही खाकी की कारगुजारी

Fri, 21 Aug 2020 03:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 03:12 PM IST
विज्ञापन
The wounds of the victims of violence did not apply ointment
हिंसा पीड़ितों के जख्मों नहीं लगा मरहम
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को शहर क्षेत्र में हुई हिंसा के पीड़ितों के जख्म आज भी हरे हैं। पुलिस-प्रशासन की हीलाहवाली के चलते न तो बवाल के मुकदमों में नामजद मुख्य आरोपियों को पुलिस न गिरफ्तार कर सकी और न ही उन पर रासुका में निरुद्ध की। यही नहीं, दोषी ठहराए गए आरोपियों से नुकसान की वसूली के भी प्रयास आज तक नहीं हुए।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शहर क्षेत्र में पिछले वर्ष 20 दिसंबर को मदीना चौक, मेरठ रोड, मीनाक्षी चौक व महावीर चौक पर उपद्रवियों की भीड़ ने जमकर हिंसा की थी। इसमें 50 से अधिक वाहन फूंके गए। असंख्य दुकानों व एक बैंक में तोड़फोड़ के प्रयास और एक बैंक में आगजनी तक की गई। बवाल में पुलिस ने सिविल लाइंस और शहर कोतवाली में कुल 47 मुकदमे दर्ज किए, जिनमें 256 लोगों को नामजद कर उन पर रासुका लगाने की घोषणा की। बवाल के दस माह बीतने के बावजूद अब तक मुकदमों में नामजद एक भी मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसके लिए एसआईटी जांच का हवाला देकर अफसर रसूखदार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई से बचते रहे। आरोपियों पर रासुका लगाए जाने के दावे भी निराधार ही साबित हुए, जिससे दस माह बाद भी मुख्य नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। वहीं, हिंसा में 56.87 लाख के नुकसान का आंकलन कर उपद्रवियों से क्षति की वसूली की बात कही गई। फरवरी माह में प्रशासन ने 53 लोगों को दोषी ठहराते हुए उनसे 23.41 लाख की वसूली के लिए भी कोर्ट से आदेश कराए, लेकिन ये भी ठंडे बस्ते में चले गए और आज तक एक भी उपद्रवी से किसी तरह की वसूली नहीं की जा सकी है। इसके चलते सीएए बवाल के पीड़ित आज भी खुद को ठगा सा महसूस करने पर विवश हैं।
विज्ञापन

इन्होंने कहा .........
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि सीएए बवाल के बाद कार्रवाई अमल में लाए जाते ही कोविड-19 के चलते लॉकडाउन लग गया था। इसके बाद से अब तक सीएए बवाल पर कार्रवाई को लेकर समय नहीं मिल पाया। बहुत जल्द पूरे प्रकरण की फिर से समीक्षा कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed