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Muzaffarnagar News: संकल्प की कांवड़ में 115 लीटर गंगाजल लेकर निकला आकाश
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हरिद्वार से कंधे पर 115 लीटर जल लेकर बम बम के जयघोष के साथ गंतव्य तक बढ़ता दिल्ली का कांवडिया
भोले के भक्त आकाश त्यागी की आस्था बेमिसाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भोले के भक्त आकाश त्यागी की आस्था बेमिसाल है। शिव की आस्था में लीन दिल्ली का छात्र दूसरी बार दोगुनी से ज्यादा मात्रा में कंधे पर पवित्र गंगाजल लेकर निकला है। 115 लीटर गंगा जल सहित कांवड़ भले ही कंधे पर हो, लेकिन चिलचिलाती गर्मी के बावजूद उनके कदम जोश के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ रहे है।
बुराड़ी निवासी किसान प्रवीण त्यागी का बेटा 25 आकाश उर्फ घोलू व्यावसायिक कोर्स में ग्रेजुएशन कर रहा है। पिछले वर्ष उसने हरिद्वार से 51 लीटर गंगा जल लाकर गांव के मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित किया था। हालांकि सावन अभी शुरू नहीं हुआ है। मगर, हर की पौड़ी से 27 मई को सुबह सात बजे पवित्र गंगाजल उठाकर बम बम जय भोले के उद्घोष के साथ निकल पड़े। मुजफ्फरनगर में छपार, सिसौना और शिव चौक पर पड़ाव के दौरान उनका अभिनंदन हुआ।
हरिद्वार से बुराड़ी दिल्ली तक 230 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद 16 जुलाई को गांव के श्री अनादि शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। शिव भक्त ने बताया उनकी कोई मन्नत नहीं है। सिर्फ जग कल्याण के लिए कांवड़ उठाई है। रोजाना पांच से छह किलोमीटर पैदल चलते है। अमूमन सुबह 5 से साढ़े आठ और शाम को 6 से नौ बजे तक यात्रा करते है। भोले ने शक्ति दी और गुरु जोगेंद्र के आदेश पर 115 लीटर गंगाजल लेकर चल दिए। पिछले साल 51 लीटर गंगाजल लाए थे।
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जिले के लोगों के सेवाभाव से अभिभूत
जनपद में कई स्थानों पर हुए अभिनंदन से कांवड़ियां और उसके साथी अभिभूत है। उनके साथ चल रहे भाई राहुल और विशाल कौशिक का कहना है यहां के लोगाें में सेवाभाव का कोई जवाब नहीं है। जहां भी उनका पड़ाव होता है, वहां लोग पलक पावड़े बिछाए रहते है। बच्चे भी उत्सुक रहते है। फलौदा में गोल्डी त्यागी, बरला में प्रद्वुमन त्यागी, बढ़ेड़ी और वहलना में कुबेर दत्त, विनेश त्यागी, अर्पित, योगेश ने पहुंचकर उनका भव्य स्वागत किया।
भोले के चमत्कार के सामने नतमस्तक
भोला आकाश कहता है कि इंसान को कुछ दूरी पर ही कपड़ों का थैला लेकर चलने में मुश्किल होने लगती है। लेकिन बाबा का चमत्कार है कि पवित्र गंगाजल के कारण 122 किलाे वजन में भी पांव नहीं डगमगा रहे। भाई राहुल ने बताया आकाश में दूसरी बार कांवड़ लाने का जुनून था। 10 महीने से जिम में जाकर फिटनेस पर ध्यान केंद्रित कर दिया था। रास्तों में बुराड़ी से रोजाना परिचित, रिश्तेदार और दोस्त आकर प्रोत्साहित कर रहे हैं। कार में पांच लोगों की टीम उनके साथ रहती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भोले के भक्त आकाश त्यागी की आस्था बेमिसाल है। शिव की आस्था में लीन दिल्ली का छात्र दूसरी बार दोगुनी से ज्यादा मात्रा में कंधे पर पवित्र गंगाजल लेकर निकला है। 115 लीटर गंगा जल सहित कांवड़ भले ही कंधे पर हो, लेकिन चिलचिलाती गर्मी के बावजूद उनके कदम जोश के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ रहे है।
बुराड़ी निवासी किसान प्रवीण त्यागी का बेटा 25 आकाश उर्फ घोलू व्यावसायिक कोर्स में ग्रेजुएशन कर रहा है। पिछले वर्ष उसने हरिद्वार से 51 लीटर गंगा जल लाकर गांव के मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित किया था। हालांकि सावन अभी शुरू नहीं हुआ है। मगर, हर की पौड़ी से 27 मई को सुबह सात बजे पवित्र गंगाजल उठाकर बम बम जय भोले के उद्घोष के साथ निकल पड़े। मुजफ्फरनगर में छपार, सिसौना और शिव चौक पर पड़ाव के दौरान उनका अभिनंदन हुआ।
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हरिद्वार से बुराड़ी दिल्ली तक 230 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद 16 जुलाई को गांव के श्री अनादि शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। शिव भक्त ने बताया उनकी कोई मन्नत नहीं है। सिर्फ जग कल्याण के लिए कांवड़ उठाई है। रोजाना पांच से छह किलोमीटर पैदल चलते है। अमूमन सुबह 5 से साढ़े आठ और शाम को 6 से नौ बजे तक यात्रा करते है। भोले ने शक्ति दी और गुरु जोगेंद्र के आदेश पर 115 लीटर गंगाजल लेकर चल दिए। पिछले साल 51 लीटर गंगाजल लाए थे।
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जिले के लोगों के सेवाभाव से अभिभूत
जनपद में कई स्थानों पर हुए अभिनंदन से कांवड़ियां और उसके साथी अभिभूत है। उनके साथ चल रहे भाई राहुल और विशाल कौशिक का कहना है यहां के लोगाें में सेवाभाव का कोई जवाब नहीं है। जहां भी उनका पड़ाव होता है, वहां लोग पलक पावड़े बिछाए रहते है। बच्चे भी उत्सुक रहते है। फलौदा में गोल्डी त्यागी, बरला में प्रद्वुमन त्यागी, बढ़ेड़ी और वहलना में कुबेर दत्त, विनेश त्यागी, अर्पित, योगेश ने पहुंचकर उनका भव्य स्वागत किया।
भोले के चमत्कार के सामने नतमस्तक
भोला आकाश कहता है कि इंसान को कुछ दूरी पर ही कपड़ों का थैला लेकर चलने में मुश्किल होने लगती है। लेकिन बाबा का चमत्कार है कि पवित्र गंगाजल के कारण 122 किलाे वजन में भी पांव नहीं डगमगा रहे। भाई राहुल ने बताया आकाश में दूसरी बार कांवड़ लाने का जुनून था। 10 महीने से जिम में जाकर फिटनेस पर ध्यान केंद्रित कर दिया था। रास्तों में बुराड़ी से रोजाना परिचित, रिश्तेदार और दोस्त आकर प्रोत्साहित कर रहे हैं। कार में पांच लोगों की टीम उनके साथ रहती है।