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Muzaffarnagar News: निशाना चूक गई राइफल एसोसिएशन...हार गई शूटिंग रेंज
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'शूटिंग रेंज में खड़ा पेड़ : अमर उजाला
- फोटो : Archive
मुजफ्फरनगर। युवाओं को एयर राइफल और स्मॉल बोर शूटिंग स्पर्धाओं के लिए प्रशिक्षण देने के लिए तैयार की गई शूटिंग रेंज अदूरदर्शिता से हार गई। पिछले 13 साल से स्वतंत्र मेजबानी में कोई प्रतियोगिता नहीं हुई। 10 मीटर एयर राइफल, पिस्टल और स्मॉल बोर के लिए तैयार ओपन रेंज में पेड़ खड़े हैं। जहां खड़े होकर खिलाड़ियों को निशाना साधना था, वहां पर कपड़े सुखाए जाते हैं।
जिला राइफल एसोसिएशन की स्थापना नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश राज्य राइफल एसोसिएशन के निर्देशन में निशानेबाजी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
मेरठ रोड पर एसोसिएशन की ओर से दो हिस्सों में बांटी गई रेंज संचालित है। एक तरफ 10 मीटर और दूसरी तरफ 25 और 50 मीटर दूरी के अभ्यास की व्यवस्था है। शौचालय क्षतिग्रस्त है और वाटर कूलर खराब हैं।
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करीब छह माह पहले कोच अशोक चौधरी की नियुक्ति हुई। वर्तमान में चार बच्चे अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। सुविधाएं नहीं मिलने के कारण पिछले सालों में बच्चों की संख्या में लगातार कमी आई है। वर्ष 2013 में तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इंटरनेशनल टर्निंग टारगेट का लोकार्पण किया। इसे बाद यहां प्रतियोगिता ही नहीं कराई गई।
n सीसीटीवी और पंखे लगवाए गए : सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ का कहना है कि पंखे और सीसीटीवी लगवाए गए हैं। भविष्य में व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी। खिलाड़ियों के पंजीकरण बढ़ने के साथ और अधिक सुधार करेंगे।
n पुलिस लाइन में रखवा दिए वेपन : निशानेबाजी में प्रयोग किए जाने वाले वेपन पुलिस लाइन में रखवा दिए गए हैं। यहां आने वाले खिलाड़ी अपने वेपन लेकर आते हैं और अभ्यास कर लौट जाते हैं। रेंज की ओर से किराए पर वेपन दिए जाने की व्यवस्था भी धड़ाम है।
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जिला राइफल एसोसिएशन की स्थापना नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश राज्य राइफल एसोसिएशन के निर्देशन में निशानेबाजी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
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मेरठ रोड पर एसोसिएशन की ओर से दो हिस्सों में बांटी गई रेंज संचालित है। एक तरफ 10 मीटर और दूसरी तरफ 25 और 50 मीटर दूरी के अभ्यास की व्यवस्था है। शौचालय क्षतिग्रस्त है और वाटर कूलर खराब हैं।
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करीब छह माह पहले कोच अशोक चौधरी की नियुक्ति हुई। वर्तमान में चार बच्चे अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। सुविधाएं नहीं मिलने के कारण पिछले सालों में बच्चों की संख्या में लगातार कमी आई है। वर्ष 2013 में तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इंटरनेशनल टर्निंग टारगेट का लोकार्पण किया। इसे बाद यहां प्रतियोगिता ही नहीं कराई गई।
n सीसीटीवी और पंखे लगवाए गए : सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ का कहना है कि पंखे और सीसीटीवी लगवाए गए हैं। भविष्य में व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी। खिलाड़ियों के पंजीकरण बढ़ने के साथ और अधिक सुधार करेंगे।
n पुलिस लाइन में रखवा दिए वेपन : निशानेबाजी में प्रयोग किए जाने वाले वेपन पुलिस लाइन में रखवा दिए गए हैं। यहां आने वाले खिलाड़ी अपने वेपन लेकर आते हैं और अभ्यास कर लौट जाते हैं। रेंज की ओर से किराए पर वेपन दिए जाने की व्यवस्था भी धड़ाम है।

'शूटिंग रेंज में खड़ा पेड़ : अमर उजाला- फोटो : Archive