{"_id":"58d801774f1c1ba6091a13fc","slug":"the-reasons-for-the-jam-are-tempo-e-rickshaw","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेंपो और ई-रिक्शा जाम की मुख्य वजह, परिवहन आयुक्त ने दिए कार्रवाई के आदेश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेंपो और ई-रिक्शा जाम की मुख्य वजह, परिवहन आयुक्त ने दिए कार्रवाई के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
सड़क खड़े टेंपो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में लगने वाले जाम के पीछे ई-रिक्शाओं की बढ़ती भीड़ है ही, साथ में नो टेंपो या ई-रिक्शा मार्ग नहीं होने से भी हालत बेकाबू हैं। परिवहन आयुक्त ने इस बात को स्वीकार किया है। एआरटीओ को भेजे आदेश में उन्होंने साफ कहा है कि नगर पालिका क्षेत्र में जाम का मुख्य कारण अवैध रूप से दौड़ रहे टेंपो, ई-रिक्शा आदि हैं। यह जहां-तहां सवारी बैठाते और उतारते हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
एआरटीओ में करीब 1200 ई-रिक्शाओं का पंजीकरण है। शहर में दिन निकलते ही सभी सड़क पर होती हैं। परिवहन आयुक्त ने आदेश में कहा कि यह टेंपो या छोटे सवारी वाहन अपने निर्धारित रूट का पालन नहीं करते हैं। शहर के बीच या भीड़-भाड़ वाले इलाकों में इनका चलन अधिक बढ़ गया है। अनियंत्रित रूप से सवारियों को बैठाया और उतारा जाता है। यातायात का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति पैदा होती है। इसके चलते इन वाहनों को इनके निर्धारित रूट से ही निकाला जाए।
परिवहन आयुक्त के रविंद्र नायक ने साफ कहा कि नगर पालिका प्रशासन भी इसमें जिम्मेदारी का निर्वाह करें। नगर पालिका प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस इनके स्टॉपेज को तय करे। साथ ही कड़ाई से पालन किया जाए कि निर्धारित रूट के अलावा यह अन्य मार्गों से तो नहीं जा रहे हैं। साथ ही एआरटीओ इनके रजिस्ट्रेशन की रूपरेखा बनाए। बिना पंजीकरण के चलने वाले वाहनों का चालान कर सीज किया जाए। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि शहर में कोई नो टेंपो जोन क्षेत्र नहीं है। इसको लेकर प्लानिंग की जाएगी। जल्द की छोटे वाहनों के लिए रूट का निर्धारण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एआरटीओ में करीब 1200 ई-रिक्शाओं का पंजीकरण है। शहर में दिन निकलते ही सभी सड़क पर होती हैं। परिवहन आयुक्त ने आदेश में कहा कि यह टेंपो या छोटे सवारी वाहन अपने निर्धारित रूट का पालन नहीं करते हैं। शहर के बीच या भीड़-भाड़ वाले इलाकों में इनका चलन अधिक बढ़ गया है। अनियंत्रित रूप से सवारियों को बैठाया और उतारा जाता है। यातायात का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति पैदा होती है। इसके चलते इन वाहनों को इनके निर्धारित रूट से ही निकाला जाए।
विज्ञापन
परिवहन आयुक्त के रविंद्र नायक ने साफ कहा कि नगर पालिका प्रशासन भी इसमें जिम्मेदारी का निर्वाह करें। नगर पालिका प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस इनके स्टॉपेज को तय करे। साथ ही कड़ाई से पालन किया जाए कि निर्धारित रूट के अलावा यह अन्य मार्गों से तो नहीं जा रहे हैं। साथ ही एआरटीओ इनके रजिस्ट्रेशन की रूपरेखा बनाए। बिना पंजीकरण के चलने वाले वाहनों का चालान कर सीज किया जाए। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि शहर में कोई नो टेंपो जोन क्षेत्र नहीं है। इसको लेकर प्लानिंग की जाएगी। जल्द की छोटे वाहनों के लिए रूट का निर्धारण किया जाएगा।
विज्ञापन