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Muzaffarnagar News: उगाही करने वालों की जांच के फंदे में फंसेगी गर्दन
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मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने के लिए मरीज से 400 रुपये तक की वसूली की जांच शुरू हो गई है। जिससे अस्पताल में कार्यरत और उनके साथ गठजोड़ कर भ्रष्टाचार में लिप्त दलालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
जिला अस्पताल में नि:शुल्क होने वाली जांच के नाम पर खुलेआम वसूली की जा रही है। अवैध वसूली के इस धंधे मेंं दलालों के साथ स्थानीय स्टाफ की संलिप्तता भी सामने आ रही है। स्टिंग के दौरान जिला अस्पताल में चिकित्सक की एप्रन पहने दलाल मरीज का सीटी स्कैन कराने के नाम पर रुपये लेता कैमरे में कैद हो गया था। जिसके बाद चिकित्सक के परामर्श के बिना ही मरीज का सीटी स्कैन कर दिया गया। यहां तक कि रिपोर्ट में मरीज को सीटी स्कैन करने वाले जिला अस्पताल के चिकित्सक का नाम भी दे दिया गया। मामला सामने आने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच शुरू करा दी गई है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि मरीज के ओपीडी में जाकर बिना चिकित्सक परामर्श के उसका सीटी स्कैन कैसे कर दिया गया। स्टिंग के दौरान मरीज का सीटी स्कैन कराने के नाम पर रुपये लेने वाले दलाल की भी पहचान कराई जा रही है। जांच के प्रमुख बिंदुओं में स्वामी कल्याण देव जिला अस्पताल में संचालित स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब में कार्यरत संदिग्ध कर्मियों को भी चिन्हित किया जाएगा।
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भ्रष्टाचार में लिप्त दलाल और कर्मियों की होगी पहचान: डॉ.संजय वर्मा
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.संजय वर्मा का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त दलालों और कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी। बताया कि रविवार का अवकाश होने के कारण पैथ लैब खुल नहीं पाई। सोमवार को ओपीडी एवं लैब का रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। देखा जाएगा कि किस चिकित्सक के नाम से रैफर कर सीटी स्कैन कराया गया है। उसकी ओपीडी में उक्त मरीज का नाम है भी या नहीं।
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जिला अस्पताल में नि:शुल्क होने वाली जांच के नाम पर खुलेआम वसूली की जा रही है। अवैध वसूली के इस धंधे मेंं दलालों के साथ स्थानीय स्टाफ की संलिप्तता भी सामने आ रही है। स्टिंग के दौरान जिला अस्पताल में चिकित्सक की एप्रन पहने दलाल मरीज का सीटी स्कैन कराने के नाम पर रुपये लेता कैमरे में कैद हो गया था। जिसके बाद चिकित्सक के परामर्श के बिना ही मरीज का सीटी स्कैन कर दिया गया। यहां तक कि रिपोर्ट में मरीज को सीटी स्कैन करने वाले जिला अस्पताल के चिकित्सक का नाम भी दे दिया गया। मामला सामने आने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच शुरू करा दी गई है।
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जांच में यह भी देखा जाएगा कि मरीज के ओपीडी में जाकर बिना चिकित्सक परामर्श के उसका सीटी स्कैन कैसे कर दिया गया। स्टिंग के दौरान मरीज का सीटी स्कैन कराने के नाम पर रुपये लेने वाले दलाल की भी पहचान कराई जा रही है। जांच के प्रमुख बिंदुओं में स्वामी कल्याण देव जिला अस्पताल में संचालित स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब में कार्यरत संदिग्ध कर्मियों को भी चिन्हित किया जाएगा।
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भ्रष्टाचार में लिप्त दलाल और कर्मियों की होगी पहचान: डॉ.संजय वर्मा
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.संजय वर्मा का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त दलालों और कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी। बताया कि रविवार का अवकाश होने के कारण पैथ लैब खुल नहीं पाई। सोमवार को ओपीडी एवं लैब का रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। देखा जाएगा कि किस चिकित्सक के नाम से रैफर कर सीटी स्कैन कराया गया है। उसकी ओपीडी में उक्त मरीज का नाम है भी या नहीं।