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Muzaffarnagar News: पश्चिम की परिक्रमा पर जयंत, पचेंडा में टटोलेंगे दलितों की नब्ज
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मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम के चक्रव्यूह को भेदने के लिए राजनीतिक दल अलग-अलग जातियों की नब्ज टटोल रहे हैं। एनडीए में सीटों के बंटवारे से पहले रालोद ने भी अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। सहारनपुर के गुर्जर सम्मेलन के बाद रविवार को पचेंडा में अनुसूचित जाति के लोगों को बहुतायत में जुटाने की कवायद है। देखने वाली बात यह होगी कि बसपा और आसपा के वोट बैंक में रालोद कितनी सेंधमारी कर पाएगा।
लोकसभा चुनाव में अपनी हिस्से की बागपत और बिजनौर सीट जीतने के बाद अब गठबंधन में रालोद की रणनीति विधानसभा चुनाव 2027 में अधिक से अधिक सीटों पर दावेदारी की है। चुनाव की सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने पश्चिम उत्तर प्रदेश की सियासी परिक्रमा भी शुरू कर दी है।
पहले मेरठ के ईकड़ी में ब्राह्मण समाज के बीच जनसभा हुई, फिर बागपत के बालैनी की यादव बेल्ट में सभा कर पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया। पिछले दिनों ही सहारनपुर के रामपुर मनिहारन में गुर्जर समाज के सम्मेलन में भीड़ जुटाकर रालोद ने नया संदेश दिया था। रविवार को पुरकाजी सुरक्षित सीट में आने वाले जनता इंटर कॉलेज पचेंडा में जनसभा बुलाई गई है।
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रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी ने बताया कि कॉलेज के मैदान पर तैयारी पूरी हो गई हैं। सम्मेलन ऐतिहासिक होगा।
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दलितों पर रालोद ने खेला है बड़ा दांव
रालोद ने दलितों पर बड़ा दांव खेला है। सबसे अहम बात यह है कि यूपी में अपने हिस्से के अकेले मंत्रालय को भी सुरक्षित सीट से विधायक अनिल कुमार को दिया गया है। इसी क्षेत्र से अब दलितों का जिला स्तरीय सम्मेलन बुलाया गया है। मंत्री अनिल कुमार के लिए सिर्फ यह सम्मेलन नहीं, बल्कि आने वाले चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण कराना चुनौती होगा। बसपा और आसपा के बीच दलित मतदाताओं को लेकर जोर आजमाइश किसी से छिपी नहीं है।
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टिकट की लड़ाई से पहले रालोद में खींचतान
मुजफ्फरनगर। भाजपा के साथ गठबंधन में सीटों का गणित उलझा हुआ है। वर्तमान में बुढ़ाना, खतौली, मीरापुर और पुरकाजी सुरक्षित सीट पर रालोद के विधायक है। देखने वाली बात यह होगी कि 2027 में कितनी सीटें रालोद के हिस्से में आएंगी लेकिन इससे पहले टिकट की दावेदारी और दबदबे की अंदरुनी खींचतान भी शुरू हो चुकी है। पार्टी अध्यक्ष के सम्मेलन के लिए बुढ़ाना में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पर बुलाई गई बैठक में रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान को नहीं बुलाया गया था। यहां पर टिकट के लिए पूर्व मंत्री योगराज सिंह और वर्तमान विधायक राजपाल बालियान के बीच खींचतान शुरू हो गई है। मीरापुर सीट पर बिजनौर सांसद चंदन चौहान अपनी पत्नी यशिका चौहान के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, जबकि वर्तमान में विधायक मिथलेश पाल अपनी बेटी सुप्रिया पाल के लिए लामबंदी कर रही है। ऐसे में रालोद के रणनीतिकारों के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं। ब्यूरो
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लोकसभा चुनाव में अपनी हिस्से की बागपत और बिजनौर सीट जीतने के बाद अब गठबंधन में रालोद की रणनीति विधानसभा चुनाव 2027 में अधिक से अधिक सीटों पर दावेदारी की है। चुनाव की सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने पश्चिम उत्तर प्रदेश की सियासी परिक्रमा भी शुरू कर दी है।
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पहले मेरठ के ईकड़ी में ब्राह्मण समाज के बीच जनसभा हुई, फिर बागपत के बालैनी की यादव बेल्ट में सभा कर पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया। पिछले दिनों ही सहारनपुर के रामपुर मनिहारन में गुर्जर समाज के सम्मेलन में भीड़ जुटाकर रालोद ने नया संदेश दिया था। रविवार को पुरकाजी सुरक्षित सीट में आने वाले जनता इंटर कॉलेज पचेंडा में जनसभा बुलाई गई है।
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रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी ने बताया कि कॉलेज के मैदान पर तैयारी पूरी हो गई हैं। सम्मेलन ऐतिहासिक होगा।
दलितों पर रालोद ने खेला है बड़ा दांव
रालोद ने दलितों पर बड़ा दांव खेला है। सबसे अहम बात यह है कि यूपी में अपने हिस्से के अकेले मंत्रालय को भी सुरक्षित सीट से विधायक अनिल कुमार को दिया गया है। इसी क्षेत्र से अब दलितों का जिला स्तरीय सम्मेलन बुलाया गया है। मंत्री अनिल कुमार के लिए सिर्फ यह सम्मेलन नहीं, बल्कि आने वाले चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण कराना चुनौती होगा। बसपा और आसपा के बीच दलित मतदाताओं को लेकर जोर आजमाइश किसी से छिपी नहीं है।
टिकट की लड़ाई से पहले रालोद में खींचतान
मुजफ्फरनगर। भाजपा के साथ गठबंधन में सीटों का गणित उलझा हुआ है। वर्तमान में बुढ़ाना, खतौली, मीरापुर और पुरकाजी सुरक्षित सीट पर रालोद के विधायक है। देखने वाली बात यह होगी कि 2027 में कितनी सीटें रालोद के हिस्से में आएंगी लेकिन इससे पहले टिकट की दावेदारी और दबदबे की अंदरुनी खींचतान भी शुरू हो चुकी है। पार्टी अध्यक्ष के सम्मेलन के लिए बुढ़ाना में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पर बुलाई गई बैठक में रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान को नहीं बुलाया गया था। यहां पर टिकट के लिए पूर्व मंत्री योगराज सिंह और वर्तमान विधायक राजपाल बालियान के बीच खींचतान शुरू हो गई है। मीरापुर सीट पर बिजनौर सांसद चंदन चौहान अपनी पत्नी यशिका चौहान के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, जबकि वर्तमान में विधायक मिथलेश पाल अपनी बेटी सुप्रिया पाल के लिए लामबंदी कर रही है। ऐसे में रालोद के रणनीतिकारों के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं। ब्यूरो