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Muzaffarnagar News: सबसे अलग चमक रही घोड़ी बछेड़ा की कांवड़
Tue, 30 Jul 2024 03:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:11 AM IST
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मुजफ्फरनगर। ग्रेटर नोएडा के गांव घोड़ा बछेड़ा के कांवड़ियां अपनी अलग पहचान बनाकर कांवड़ मार्ग पर बढ़ रहे हैं। चांदी सी चमकती कांवड़ को खुद हरिद्वार में तैयार किया। एक या दो नहीं बल्कि गांव से पांच सौ से अधिक कांवड़िया टोली में बंटकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं।
सोमवार को रुड़की रोड पर पहुंची गांव की टोली में शामिल हरकेश और लक्ष्मण बताते हैं कि पूरे गांव से इस बार पांच सौ कांवडिया गंगाजल लेकर हरिद्वार से लौट रहे हैं। सब 15-15 के ग्रुप में बंटे हुए हैं। कंधे पर झूलती चांदी सी चमकती कांवड़ देखकर ही शिवभक्त भीड़ में एक-दूसरे की पहचान कर लेते हैं।
कांवड़िया अनिल बताते हैं कि उनके गांव के लोग खुद ही हरिद्वार पहुंचकर यह कांवड़ तैयार करते हैं। इस डिजाइन की कांवड़ की पहचान ही घोड़ी बछेड़ा की कांवड़ से है। दूसरे किसी भी क्षेत्र या गांव का कोई व्यक्ति ऐसी कांवड़ नहीं लाता। एक ही तरह कांवड़ इसलिए लाते हैं, ताकि भीड़ में भी अपने साथियों की पहचान की जा सके। ग्रुप में चलते हैं और आगे-पीछे चलने के दौरान एक-दूसरे पर निगाह भी रहती है।
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खास बात यह है कि गांव के पांच सौ शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए आए हुए हैं। बबलू बताते हैं कि पूरे साल से गांव के लोग कांवड़ यात्रा का इंतजार करते हैं। गांव के शिव मंदिर में ही जलाभिषेक के लिए कांविड़यों की टोली एकत्र होनी शुरू हो जाएगी।
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सोमवार को रुड़की रोड पर पहुंची गांव की टोली में शामिल हरकेश और लक्ष्मण बताते हैं कि पूरे गांव से इस बार पांच सौ कांवडिया गंगाजल लेकर हरिद्वार से लौट रहे हैं। सब 15-15 के ग्रुप में बंटे हुए हैं। कंधे पर झूलती चांदी सी चमकती कांवड़ देखकर ही शिवभक्त भीड़ में एक-दूसरे की पहचान कर लेते हैं।
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कांवड़िया अनिल बताते हैं कि उनके गांव के लोग खुद ही हरिद्वार पहुंचकर यह कांवड़ तैयार करते हैं। इस डिजाइन की कांवड़ की पहचान ही घोड़ी बछेड़ा की कांवड़ से है। दूसरे किसी भी क्षेत्र या गांव का कोई व्यक्ति ऐसी कांवड़ नहीं लाता। एक ही तरह कांवड़ इसलिए लाते हैं, ताकि भीड़ में भी अपने साथियों की पहचान की जा सके। ग्रुप में चलते हैं और आगे-पीछे चलने के दौरान एक-दूसरे पर निगाह भी रहती है।
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खास बात यह है कि गांव के पांच सौ शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए आए हुए हैं। बबलू बताते हैं कि पूरे साल से गांव के लोग कांवड़ यात्रा का इंतजार करते हैं। गांव के शिव मंदिर में ही जलाभिषेक के लिए कांविड़यों की टोली एकत्र होनी शुरू हो जाएगी।