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Muzaffarnagar News: बिहार के बदमाश ने एनसीआर में बनाया था छिपने का ठिकाना
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मुजफ्फरनगर। बुधवार देर रात रतनपुरी क्षेत्र के गांव इंचौड़ा के जंगल में मुठभेड़ के दौरान मारे गए दो लाख के इनामी बिहार के गांव बारो रामपुर टोला निवासी निलेश कुमार ने पिछले दस साल से एनसीआर व गाजियाबाद क्षेत्र को छिपने का ठिकाना बनाया था। वह अपना गिरोह तैयार कर रहा था। पुलिस ने मुजफ्फरनगर जिले में उसके नेटवर्क को खंगालना शुरू किया है।
बिहार के जनपद बेगूसराय के थाना गढ़हरा के गांव बारो रामपुर टोला निवासी निलेश कुमार कुख्यात बदमाश था। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी के 17 मुकदमे बेगूसराय व झारखंड में दर्ज हैं। वह 2004 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वह अपराध करने के बाद पकड़ा नहीं जाता था। उसने उप्र के एनसीआर क्षेत्र व गाजियाबाद इलाके को अपने छिपने का ठिकाना बनाया था।
एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा बताते है कि वह दस साल से इस क्षेत्र में रह कर अपना गिरोह चला रहा था। बुधवार को बिहार एसटीएफ को इनपुट मिला था कि निलेश अपने गिरोह के साथ मुजफ्फरनगर जनपद क्षेत्र में छिपा है और वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है। इसके बाद बिहार एसटीएफ ने नोएडा एसटीएफ से संपर्क साधा और संयुक्त अभियान में निलेश मुठभेड़ में मारा गया।
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एसटीएफ के दीवान सहित दो घायल
एएसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान निलेश व उसके दो साथी बिना नंबर की बाइक पर सवार थे। उन्होंने पिस्टलों से पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें बिहार एसटीएफ के सर्वेश कुमार व नोएडा एसटीएफ के दीवान रोहित कुमार घायल हुए थे। उन्हें बुढ़ाना सीएचसी पर उपचार दिलाया था। एएसपी ने बताया कि जानकारी मिली है कि पिछले कई साल एनसीआर व गाजियाबाद में रह कर निलेश ने काफी संपत्ति भी अर्जित की है। इस बारे में जांच शुरू कर दी है।
फरार बदमाशों का सुराग नहीं
मुठभेड़ को 18 घंटे से ज्यादा समय बीत गया है लेकिन पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागे दोनों बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस टीम दोनों को कांबिंग कर तलाश रही है। थाना पुलिस का कहना है कि मृतक निलेश के शव का पंचनामा भरा गया था। तब सीने में गोली लगने का एक ही स्थान दिखाई दिया था। एक गोली लगने से निलेश की मौत हुई थी। एएसपी ने बताया कि निलेश का बिहार के बेगूसराय में आतंक था। जब भी पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए दबिश दी तब उसने पुलिस पर सीधे फायरिंग की थी। कई बार बिहार पुलिस के सामने ऐसे मौके आए थे।
शक होने पर नहीं दिया शव-
लोनी बार्डर निवासी दो महिला व युवक पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस से जानकारी ली और शव सौंपने को कहा। एक महिला ने खुद को निलेश की पत्नी बताया। एसटीएफ बिहार व नोएडा टीम ने उनसे पूछताछ की। शक होने पर पुलिस ने बिहार से परिजनों के न आने तक शव देने से इनकार कर दिया।
रतनपुरी क्षेत्र में पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
मुठभेड़ रतनपुरी क्षेत्र में हुई है। जबकि निलेश बिहार का रहने वाला था। उसके साथ दो साथी भी थे जो भाग गए थे। पुलिस का मानना है कि निलेश ने अपना गिरोह मुजफ्फरनगर जिले में भी सक्रिय किया है। पुलिस उसके नेटवर्क को खंगाल रही है। रतनपुरी पुलिस ने बिहार के जनपद बेगूसराय के थाना गढ़हरा के गांव बारो रामपुर टोला निवासी निलेश के माता, पिता व पत्नी व 16 साल के बेटे को घटना की सूचना दी है। पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही है।
वर्जन
नोएडा व बिहार एसटीएफ टीम की यह बड़ी कार्रवाई है। परिजन अभी नहीं आए है। उनके आने पर शव सौंपा जाएगा। -अभिषेक सिंह, एसएसपी।
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बिहार के जनपद बेगूसराय के थाना गढ़हरा के गांव बारो रामपुर टोला निवासी निलेश कुमार कुख्यात बदमाश था। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी के 17 मुकदमे बेगूसराय व झारखंड में दर्ज हैं। वह 2004 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वह अपराध करने के बाद पकड़ा नहीं जाता था। उसने उप्र के एनसीआर क्षेत्र व गाजियाबाद इलाके को अपने छिपने का ठिकाना बनाया था।
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एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा बताते है कि वह दस साल से इस क्षेत्र में रह कर अपना गिरोह चला रहा था। बुधवार को बिहार एसटीएफ को इनपुट मिला था कि निलेश अपने गिरोह के साथ मुजफ्फरनगर जनपद क्षेत्र में छिपा है और वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है। इसके बाद बिहार एसटीएफ ने नोएडा एसटीएफ से संपर्क साधा और संयुक्त अभियान में निलेश मुठभेड़ में मारा गया।
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एसटीएफ के दीवान सहित दो घायल
एएसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान निलेश व उसके दो साथी बिना नंबर की बाइक पर सवार थे। उन्होंने पिस्टलों से पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें बिहार एसटीएफ के सर्वेश कुमार व नोएडा एसटीएफ के दीवान रोहित कुमार घायल हुए थे। उन्हें बुढ़ाना सीएचसी पर उपचार दिलाया था। एएसपी ने बताया कि जानकारी मिली है कि पिछले कई साल एनसीआर व गाजियाबाद में रह कर निलेश ने काफी संपत्ति भी अर्जित की है। इस बारे में जांच शुरू कर दी है।
फरार बदमाशों का सुराग नहीं
मुठभेड़ को 18 घंटे से ज्यादा समय बीत गया है लेकिन पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागे दोनों बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस टीम दोनों को कांबिंग कर तलाश रही है। थाना पुलिस का कहना है कि मृतक निलेश के शव का पंचनामा भरा गया था। तब सीने में गोली लगने का एक ही स्थान दिखाई दिया था। एक गोली लगने से निलेश की मौत हुई थी। एएसपी ने बताया कि निलेश का बिहार के बेगूसराय में आतंक था। जब भी पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए दबिश दी तब उसने पुलिस पर सीधे फायरिंग की थी। कई बार बिहार पुलिस के सामने ऐसे मौके आए थे।
शक होने पर नहीं दिया शव-
लोनी बार्डर निवासी दो महिला व युवक पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस से जानकारी ली और शव सौंपने को कहा। एक महिला ने खुद को निलेश की पत्नी बताया। एसटीएफ बिहार व नोएडा टीम ने उनसे पूछताछ की। शक होने पर पुलिस ने बिहार से परिजनों के न आने तक शव देने से इनकार कर दिया।
रतनपुरी क्षेत्र में पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
मुठभेड़ रतनपुरी क्षेत्र में हुई है। जबकि निलेश बिहार का रहने वाला था। उसके साथ दो साथी भी थे जो भाग गए थे। पुलिस का मानना है कि निलेश ने अपना गिरोह मुजफ्फरनगर जिले में भी सक्रिय किया है। पुलिस उसके नेटवर्क को खंगाल रही है। रतनपुरी पुलिस ने बिहार के जनपद बेगूसराय के थाना गढ़हरा के गांव बारो रामपुर टोला निवासी निलेश के माता, पिता व पत्नी व 16 साल के बेटे को घटना की सूचना दी है। पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही है।
वर्जन
नोएडा व बिहार एसटीएफ टीम की यह बड़ी कार्रवाई है। परिजन अभी नहीं आए है। उनके आने पर शव सौंपा जाएगा। -अभिषेक सिंह, एसएसपी।