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जर्जर अवस्था में पहुंच चुका अग्रेजों के समय का पुल
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खतौली तहसील के नावला मार्ग पर जर्जर पुल दे रहा हादसों को दावत।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जर्जर अवस्था में पहुंच चुका अंग्रेजों के समय का पुल
खतौली। नावला-खतौली मार्ग पर गांव भैंसी से होकर जा रहे गंदे नाले के ऊपर का पुल अंग्रेजी शासन काल में बना था, जो वर्तमान में जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। पुल के नीचे लोहे के गर्डर की सपोर्ट लगाकर उसके सहारे रोका गया है। इस पुल से कई दर्जन गांवों के ग्रामीण भारी वाहन लेकर नगर में आते हैं। इसकी मरम्मत के लिए विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गांव भैंसी से होकर खलासी में पड़ने वाले नाले के ऊपर नावला मार्ग पर बना पुल कई दशक पुराना है। वर्तमान में पुल पूरी तरह से जर्जर हालत में पहुंच चुका है। इस मार्ग पर नावला, अंबरपुर, मथेड़ी, खेड़ी आदि आधा दर्जन से भी अधिक गांव पड़ते हैं। यह पुल इन गांव को खतौली तहसील से जोड़ने का काम करता है। खस्ताहाल पुल के ऊपर से जान खतरे में डालकर उक्त गांवों में पहुंचने के लिए यह मुख्यमार्ग है। किसान इसी मार्ग से वाहनों में गन्ना लेकर शुगर मिल पहुंचते हैं। यहां पर एक गन्ना क्रय केंद्र भी बनाया हुआ है। इसी जर्जर पुल से शुगर मिल में ओवरलोड गन्ने के ट्रॉले भी आते-जाते हैं। अंग्रेजों के समय से बने इस पुल के जर्जर होने के कारण हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
नावला के प्रधान अनुज त्यागी, भैंसी के ग्राम प्रधान अमित अहलावत, पूर्व प्रधान सुनील अहलावत का कहना है कि इस पुल के संबंध में अनेक बार पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग के अलावा अधिकारियों से बातचीत कर शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके अधिकारी इस समस्या का समाधान करने को कतई तैयार नहीं हैं। यह पुल कभी भी किसी भी समय गिर सकता है।
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पीडब्लूडी के जेई उदयराज का कहना है कि यह पुल सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है। सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि इस्टीमेंट बन चुका है। बजट रिलीज नहीं हो पाया है, जिस कारण काम शुरू नहीं हुआ। बजट आते ही वहां काम शुरू कराया जाएगा।
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खतौली। नावला-खतौली मार्ग पर गांव भैंसी से होकर जा रहे गंदे नाले के ऊपर का पुल अंग्रेजी शासन काल में बना था, जो वर्तमान में जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। पुल के नीचे लोहे के गर्डर की सपोर्ट लगाकर उसके सहारे रोका गया है। इस पुल से कई दर्जन गांवों के ग्रामीण भारी वाहन लेकर नगर में आते हैं। इसकी मरम्मत के लिए विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गांव भैंसी से होकर खलासी में पड़ने वाले नाले के ऊपर नावला मार्ग पर बना पुल कई दशक पुराना है। वर्तमान में पुल पूरी तरह से जर्जर हालत में पहुंच चुका है। इस मार्ग पर नावला, अंबरपुर, मथेड़ी, खेड़ी आदि आधा दर्जन से भी अधिक गांव पड़ते हैं। यह पुल इन गांव को खतौली तहसील से जोड़ने का काम करता है। खस्ताहाल पुल के ऊपर से जान खतरे में डालकर उक्त गांवों में पहुंचने के लिए यह मुख्यमार्ग है। किसान इसी मार्ग से वाहनों में गन्ना लेकर शुगर मिल पहुंचते हैं। यहां पर एक गन्ना क्रय केंद्र भी बनाया हुआ है। इसी जर्जर पुल से शुगर मिल में ओवरलोड गन्ने के ट्रॉले भी आते-जाते हैं। अंग्रेजों के समय से बने इस पुल के जर्जर होने के कारण हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
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नावला के प्रधान अनुज त्यागी, भैंसी के ग्राम प्रधान अमित अहलावत, पूर्व प्रधान सुनील अहलावत का कहना है कि इस पुल के संबंध में अनेक बार पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग के अलावा अधिकारियों से बातचीत कर शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके अधिकारी इस समस्या का समाधान करने को कतई तैयार नहीं हैं। यह पुल कभी भी किसी भी समय गिर सकता है।
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पीडब्लूडी के जेई उदयराज का कहना है कि यह पुल सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है। सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि इस्टीमेंट बन चुका है। बजट रिलीज नहीं हो पाया है, जिस कारण काम शुरू नहीं हुआ। बजट आते ही वहां काम शुरू कराया जाएगा।