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आतंक पर अब शांति वार्ता नहीं, होगी सर्जिकल स्ट्राइक

Wed, 27 Feb 2019 12:17 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/ मुजफ्फरनगर Published by: NAVEEN GUPTA Updated Wed, 27 Feb 2019 12:17 AM IST
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Terror is no longer a peace talks, surgical strikes
पूर्व उप थल सेनाध्यक्ष निरंजन सिंह मलिक। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर। देश के पूर्व उप थल सेनाध्यक्ष निरंजन सिंह मलिक ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर सर्जिकल स्ट्राइक की कार्रवाई फुल प्रुफ थी, यदि पाक के एयर क्राफ्ट विरोध में कोई हरकत करते तो दुश्मन देश के सैन्य सेंटर इंडियन एयरफोर्स तबाह कर देती। सुखोई ने 80 किलोमीटर की रफ्तार से पीओके के बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चकोटी के बाहरी क्षेत्र में बने आतंकवादियों के ट्रेनिंग सेंटरों को बम से उड़ा दिया। आतंकवाद पर अब शांति वार्ता नहीं, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक होगी।
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पूर्व उप थल सेनाध्यक्ष निरंजन सिंह मलिक ने भारतीय सेना में 39 साल देश की सेवा की। जिले के गांव खेड़ा मस्तान निवासी मलिक ने पीओके में इंडियन एयरफोर्स की सर्जिकल स्ट्राइक पर अमर उजाला से बातचीत की। कहा, पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 42 जवानों की शहादत के बाद पाक को सबक सिखाना जरूरी था। उरी हमले के बाद हुई सेना की सर्जिकल स्ट्राइक से पाक नहीं सुधरा था। ग्राउंड योजना बना कर एयरफोर्स ने यह कार्रवाई की। तैयारी इतनी मजबूत थी कि यदि लंबे समय भी अटैक करने पड़ते तो एयर टू एयर पेट्रोल रिफरिंग का बैकअप लिया गया था। भारतीय वायु सेना की क्षमता देख पाक एयरक्राफ्ट ने उड़ने की भी हिम्मत नहीं की। सेटेलाइट से पहले ही मुजफ्फराबाद, बालाकोट आदि के आतंकी सेंटरों को चिह्नित कर लिया गया था। परफेक्ट टाइमिंग से 12 सुखोई ने उन्हें उड़ा दिया। सहारनपुर के सरसावा एयरपोर्ट से ही सुखोई ने एयर स्ट्राइक की। ग्वालियर से मिराज, आगरा से रिफलिंग क्राफ्ट और बरेली से एईडब्लू ने स्ट्राइक में भागीदारी की। पाक आर्मी यदि विरोध करती तो उनका इतना नुकसान हो जाता जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं होगी। मलिक ने कहा कि मुंबई 26/11, संसद और पठानकोट में आतंकी हमले के बाद शांति वार्ता के कोई नतीजे नहीं निकले। पाकिस्तान में पल रहे जैश-ए-मौहम्मद, अल कायदा जैसी आतंकी संगठनों के हमले नहीं रुके। उरी के बाद केंद्र सरकार ने पाक को सर्जिकल स्ट्राइक का नमूना दिखाया और संदेश दिया कि आतंक के अड्डे बंद करें, लेकिन हरकत नहीं थमी। पुलवामा के बाद पाक को सबक सिखाना जरूरी था। आतंकियों ने उरी के बाद बाहरी दहशतगर्दो को कश्मीर में भेजना कम कर दिया। कश्मीर के ही युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने लगे। पाक ने आतंकियों की जो तंजीम बनाई, वो उसे बर्बाद करेंगी। पेशावर में मासूम बच्चों को मार दिया गया था। एयर स्ट्राइक में पीओके के शहरी क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। मकसद केवल पुलवामा की घटना का कड़ा सबक सिखाना है।
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ये तो शुरुआत है, अभी और होगी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हमले को पूर्व सैनिक शुरुआत मानते हैं। वे कहते हैं कि अभी और भी इस तरह की और कार्रवाई होगी। देशवासी इस कदम का इंतजार कर रहे थे। सरकार ने ईट का जवाब पत्थर से दिया है। कर्नल ओमप्रकाश ने बताया कि मंगलवार तड़के भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया है। सरकार ने एकदम सही किया है। यह सिलसिला जारी रहेगा। पाकिस्तान आमने-सामने की लड़ाई नहीं लड़ेगा। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। भारत की फौज काफी एडवांस है। बेहतर हथियारों के साथ ही फायर पावर भी इतनी है कि पाकिस्तान को भी पार कर सकती है। ऐसे सरप्राइज होते रहने चाहिए। दुनिया में इसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी। दो हजार किलो के विस्फोटक डाले गए हैं, निश्चित रूप से भारी नुकसान हुआ होगा। लेफ्टिनेंट हरिलाल कौशिक ने बताया कि केंद्र सरकार ने शानदार काम किया है। यह शुरुआत है। अभी इस तरह की कार्रवाई और होनी चाहिए। कश्मीर में भी आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई करने की जरूरत है। यह एयर स्ट्राइक है। पूरा देश इसका इंतजार कर रहा था। मास्टर वारंट यशपाल सिंह ने कहा कि देशवासियों के लिए यह खुशी का पल है। प्रधानमंत्री ने सेना को छूट दे दी थी। जो कहा वो कर दिखाया। ईट का जवाब पत्थर से दिया गया है। पूरा देश इस पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यह बहुत सही कदम है। पूर्व सैनिक महेश चौहान का कहना है कि पुलवामा हमले तथा उसके बाद भारतीय जवानों के शहीद होने की घटनाओं से जनता में आक्रोश चरम पर था। पाकिस्तान के खिलाफ अब तक उठाए गए भारत के कदम से लोग संतुष्ट नहीं थे। वे मिलिट्री कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सेना ने जो संकल्प लिया था उसे पूरा कर दिखाया है। आतंकवादी ठिकानों पर भारी क्षति हुई है, जबकि भारतीय वायुसेना का कोई नुकसान नहीं हुआ।  ब्यूरो
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