यूपी: डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर तनाव, आमने-सामने आए दो पक्ष, मौके पर पहुंचे एसडीएम
मुजफ्फरनगर के एक गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर विवाद हो गया। दो पक्षों के लोगों ने जमकर हंगामा किया। वहीं सूचना पर एसडीएम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत किया।
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मुजफ्फरनगर जनपद में खतौली के जसौला गांव में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद हो गया। एसडीएम, सीओ सहित कोतवाल मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। अनुसूचित जाति और पाल समाज के लोगों के बीच हो रहे हंगामे को शांत किया। हालांकि इस दौरान महिलाएं प्रतिमा लगाने की जिद पर अड़ी रहीं। एसडीएम ने कानूनगो, लेखपालों को बुलवाकर ग्राम पंचायत की भूमि की पैमाइश कराने के निर्देश दिए। तनाव की स्थिति देख गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मौके पर रखी गई प्रतिमा को वहां से हटवा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
खतौली तहसील के गांव जसौला में अनुसूचित जाति के लोगों ने डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा लाकर उसकी स्थापना का काम शुरू कर दिया। काम शुरू होने पर मामला ग्रामीणों को पता चला तो पाल समाज के लोग मौके पर पहुंचे। पाल समाज के लोगों ने ग्राम समाज की सार्वजनिक भूमि होने की बात कहते हुए प्रतिमा स्थापना करने का विरोध किया। इस दौरान दोनों बिरादरी के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। प्रतिमा लगाने को लेकर हो रहे विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
सीओ राकेश सिंह, इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार मय पुलिस टीम के मौके पर पहुंचे। मामला भूमि विवाद से जुड़ा होने के कारण एसडीएम जीत सिंह राय भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने पूरा मामले की जानकारी ली।
गांव में काफी लंबे समय से डॉ. भीमराव आंबेडकर का बोर्ड लगा हुआ है, वहां पर बोर्ड हटाकर अनुसूचित जाति के लोग प्रतिमा लगाना चाहते हैं। जिसका विरोध पाल समाज के लोग कर रहे हैं। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कानूनगो सहित लेखपाल आदि को मौके पर बुलाया। तहसील से आई टीम को ग्राम पंचायत की भूमि की पैमाइश करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत की एक एकड़ भूमि है, जिस पर अवैध कब्जे किए गए हैं।
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फैसला होने तक स्थिति जस की तस
एसडीएम जीत सिंह राय ने दोनों पक्षों से बात करते हुए कहा कि जब तक शासनादेश नहीं आता, तब तक नई प्रतिमा की स्थापना नहीं की जाएगी। स्थिति जस की तस रहेगी। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो गए।
महिलाओं ने कहा कि हो रही छींटाकशी
महिलाओं ने हंगामा करते हुए प्रतिमा लगाने की बात की। महिलाओं का कहना था कि जब वह मंदिर में जाते हैं तो लोग उन पर छींटाकशी करते हैं, इसलिए वह मूर्ति लगाना चाहते हैं। काफी देर चले हंगामे के बाद मामला शांत हो गया, लेकिन तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल लगा दिया गया है।
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भूमि की होगी जांच, शासन के आदेश पर ही लगेगी प्रतिमा
एसडीएम जीत सिंह राय ने बताया कि उन्हें बताया गया है कि अनुसूचित जाति के पट्टे किए गए थे। वहीं पाल समाज का कहना है कि यह ग्राम पंचायत समाज की सार्वजनिक भूमि है। इसलिए कोई निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि की पैमाइश कराई जा रही है। ग्राम पंचायत की भूमि पर जिन्होंने अवैध कब्जा किया हुआ है नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, नई परंपरा की कोई शुरुआत नहीं होगी। यदि प्रतिमा लगाई जाएगी तो वह शासन के आदेश के बाद ही लगेगी।