डॉक्टर बनने का सपना लेकर एमबीबीएस करने वाले अक्षांश और दिव्यांश ने कभी नहीं सोचा होगा कि नई जिंदगी की शुरुआत होने से पहले ही उनकी मौत हो जाएगी। जैसे ही एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में उनके मरने की सूचना पहुंची तो शोक व्याप्त हो गया। वहीं आनन-फानन एमबीबीएस छात्र और जूनियर डॉक्टर दौड़कर इमरजेंसी पहुंचे। अक्षांश और दिव्यांश का शव देखकर छात्र और जूनियर डॉक्टर बिलखने लगे। चिकित्सक भी गमजदा हो गए। उधर, आशीष को उसके परिजन रात में ही रेफर कराकर दिल्ली मैक्स ले गए, जबकि आदिश जैन का ट्रॉमा सेंटर में उपचार किया जाता रहा। दोनों की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
भयावह हादसे की तस्वीरें: मातम में बदलीं बर्थडे की खुशियां, बेटे का शव देख बेहोश हुई मां, डॉक्टर बनने का सपना चकनाचूर
ऐसे हुआ हादसा
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में दोस्त के बर्थडे का केक काटने के बाद 12 एमबीबीएस छात्र तीन कारों में सवार होकर निकले तो रास्ते में बेकाबू रफ्तार ने दो की जान ले ली। जिस होंडा सिटी में अक्षांश, दिव्यांश, आदिश और आशीष सवार थे, वह साकेत पेट्रोल पंप के सामने बेकाबू हो गई। पुलिस अनुसार कार गलत दिशा में चल रही थी और रफ्तार भी 150 रही होगी। पुलिस ने पेट्रोल पंप से सीसीटीवी फुटेज ली है। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की है।
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात करीब 12 बजे पहले सभी ने सहपाठी हर्ष का बर्थडे केक काटा और फिर एनएच-58 पर खाने के लिए तीन कारों में सवार होकर निकल पड़े। जेल चुंगी से कमिश्नर आवास के बीच सन्नाटा पसरा था। पुलिस के मुताबिक, कार आशीष चला रहा था और आगे की सीट पर ही दिव्यांश बैठा था। अचानक कार बेकाबू हो गई और स्ट्रीट लाइट के दो खंभो में टकराते हुए पेट्रोल पंप की दीवार में घुस गई। पीछे दो कारों में आ रहे सहपाठियों ने हादसा देखा तो पुलिस को फोन किया। पुलिस ने चारों को कार से निकाला और अस्पताल ले गई, लेकिन तब तक अक्षांश और दिव्यांश दम तोड़ चुके थे।
कार हुई चकनाचूर
पुलिस का कहना है कि गाड़ी की स्पीड ज्यादा होने के चलते वह कंट्रोल नहीं हुई और फिर पेट्रोल पंप में घुस गई। दूसरे खंभे में टकराने के बाद गाड़ी घूमती हुई पेट्रोल पंप की चाहर-दीवारी में जा घुसी। बताया गया कि गाड़ी का पहले पिछला हिस्सा लगा और फिर आगे से दीवार में घुसी, जिसमें गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
आशीष ने लगा रखी थी सीट बेल्ट
फॉरेंसिक टीम ने बताया कि गाड़ी चला रहे आशीष ने सीट बेल्ट लगा रखी थी। गाड़ी पहले पिछले हिस्से से टकराई और फिर आगे से टकरा गई।
कंकरखेड़ा में दिव्यांश आनंद का अंतिम संस्कार, रो पड़ा रामनगर
एमबीबीएस छात्र दिव्यांश आनंद की मौत की जानकारी मिलते ही कंकरखेड़ा की रामनगर कॉलोनी में मातम छा गया। शाम को दिव्यांश का अंतिम संस्कार कंकरखेड़ा स्थित श्मशान घाट में हुआ। मुखाग्नि तहेरे भाई कुमार आनंद ने दी। अंतिम संस्कार में न्यायिक मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, शिक्षक, एमबीबीएस के छात्र और लिसाड़ी के ग्रामीणों समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दौरान दिव्यांश के पिता डॉ. रामानंद और मां मंजू कई बार बेहोश हुए।