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सिक्के पहले से थे मुसीबत,  अब 2000 के नोट की टेंशन 

Wed, 27 Dec 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 27 Dec 2017 12:02 AM IST
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Tension of 2000 rupees note
दो हजार रुपये का नोट
व्यापारियों, आम आदमी के लिए पांच और दस के सिक्के पहले ही मुसीबत बने थे। अब 2000 के नोट भी टेंशन बढ़ा दी है। आरबीआई के नए संकेत से व्यापारियों में हलचल पैदा हो गई है। वित्त मंत्रालय ने बड़े नोट के चलते परेशानी के कारण इसे हटाने या छपाई कम करने का संदेश दिया है। इसकी भनक लगते ही व्यापारियों में खलबली मच गई है। 
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लोकसभा में 20 दिसंबर को आरबीआई ने रिपोर्ट पेश कर कहा है कि 2000 के नोट से बाजार में समस्याएं पैदा हो गई हैं। बड़े नोट से व्यापारियों के साथ आम नागरिक परेशान हैं। ऐसे में बढ़ रही दिक्कतों के चलते बदलाव की गुंजाइश जाहिर की गई है, जिसमें आरबीआई 2000 के नोट वापस लेने या इसकी छपाई बंद की जा सकती है।
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आरबीआई के खुलासे से व्यापारी वर्ग में अटकलों का बाजार गर्म है। इस कारण छोटे व्यापारी 2000 का नोट लेेने में समस्याएं बता रहे हैं, जबकि नोटबंदी के बाद से बढ़ी पांच और दस के सिक्कों की परेशानी दूर नहीं हो सकी है। व्यापारियों का कहना है कि एक साल में सिक्कों की संख्या 10 हजार रुपये तक पहुंच गई है, क्योंकि ग्राहक सिक्का लेने से इंकार करता है। 
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बैंक वाले कर रहे हाथ खड़े 
मुजफ्फरनगर। सिक्कों को लेने के लिए बैंक वाले भी हाथ खड़े कर रहे हैं। बैंक में सिक्कों को जमा कराने के लिए व्यापारियों को दिन और समय निर्धारित किया जाता है। इसके अलावा भी एक हजार रुपये कीमत के सिक्का रोजाना जमा किए जा सकते हैं, लेकिन कर्मचारी इन्हें गिनने में दिक्कत बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। यह बड़ी समस्या बनी है। 

एटीएम से नहीं निकलते 500 के नोट 
मुजफ्फरनगर। शहरभर में एसबीआई, पीएनबी के साथ अनेक बैंक शाखाओं के 50 से ज्यादा एटीएम लगे हैं। इन सभी एटीएम में 500 के नोट की किल्लत हैं। एटीएम से भी 2000 का नोट निकल रहा है, जो बाजार में चलने में परेशानी का सबब बन रहा है। अधिकांश व्यापारी खुल्ले नहीं होने का हवाला देकर इस बड़े नोट को लेने में असमर्थता जता रहा है, जबकि कोई आरबीआई के संकेत से परेशान हैं। 

हम सिक्क लेते हैं, पर ग्राहक नहीं 
किराना व्यापारी मोहम्मद हनीफ ने बताया कि रोजाना करीब 200 से 300 रुपये के सिक्के आते हैं, जिन्हें ग्राहक को देते हैं तो इंकार करते हैं, जबकि 2000 के नोट को जनवरी में बंद करने की चर्चा से अधिक परेशानी है। ऐसे में 50, 100 और 500 के नोट के साथ 10, 20 के नोट से कारोबार किया जा रहा है। बड़े नोट कमतर ही लिए जा रहे हैं। 


अफवाहों पर ध्यान न दें व्यापारी 
मुजफ्फरनगर। जनपद के लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि आरबीआई से बड़े नोट को लेकर कोई नया संदेश नहीं आया है। ऐसे में व्यापारी और आम आदमी अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में पर्याप्त पैसा है, जो कि चल रहा है। सिक्के नहीं लेने वाले बैंक के खिलाफ आरबीआई को लिखा जाएगा। दुकानदार बेखौफ होकर एक हजार रुपये तक के सिक्के रोजाना जमा करा सकते हैं। 
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