{"_id":"69557d8cd5fe3cc81f0a114e","slug":"teachers-are-filling-the-pot-of-help-with-drops-of-cooperation-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-162044-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: सहयोग की बूंदों से शिक्षक भर रहे मदद का घड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: सहयोग की बूंदों से शिक्षक भर रहे मदद का घड़ा
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। शिक्षकों के लिए समर्पित टीचर्स सेल्फ केयर टीम ने 2025 में जिले के छह दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को तीन करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की। उत्तर प्रदेश के चार लाख से अधिक शिक्षकों की ओर से मात्र 15 रुपये के मासिक अंशदान से यह संभव हो पाया। नए साल में संस्था कन्यादान योजना के तहत शिक्षकों की बेटियों के विवाह के लिए प्रति शिक्षक एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता शुरू करेगी। एक रुपये के मासिक अंशदान किया जाएगा। प्रदेश की 300 बेटियों का एक-एक लाख रुपये का कन्यादान होगा।
संस्था के चार लाख से अधिक सदस्यों ने मिलकर इन परिवारों को मात्र 15 रुपये की छोटी सी राशि भेजी। केवल 10 दिनों के भीतर प्रत्येक परिवार को 50 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई। यह राशि सीधे परिवारों के बैंक खातों में भेजी गई।
संगठन के संस्थापक विवेकानंद और प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. फर्रुख हसन ने बताया कि सहयोग परिवारों का मनोबल बढ़ाता है। प्रदेश के 476 परिवारों को लगभग 210 करोड़ रुपये की मदद कर चुकी है।
विज्ञापन
सह संस्थापक सुधेश पांडेय एवं संजीव रजक ने बताया कि कन्यादान योजना की तैयारियां शुरू हो गई है। जनवरी में ही शिक्षकों की बेटियों के कन्यादान के तौर पर एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुजफ्फरनगर के कुल 11 शिक्षकों के परिवारों को संस्था की ओर से पांच करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि भेजी जा चुकी है।
-- -
केस-एक
मोरना ब्लॉक के शिक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार के निधन के बाद उनके परिवार में दो छोटे बच्चे और एक बुजुर्ग पिता थे। उनके मकान पर बैंक का कर्ज था, जो परिवार को मिली मदद से चुकाया जा सका।
-- -
केस- दो
सदर ब्लॉक के शेरपुर गांव में कार्यरत किशवर खातून का निधन कैंसर से हुआ था। लंबे इलाज पर काफी धन खर्च हुआ लेकिन वह ठीक नहीं हो सकीं। उनके निधन के बाद परिवार को मिली 50 लाख रुपये की मदद से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।
-- -
केस-3
बदला इंटर कॉलेज के शिक्षक स्वर्गीय योगेश कुमार की कहानी दुखद है। उनके निधन के बाद परिवार में केवल उनकी अविवाहित बहन थीं। संस्था ने न केवल आर्थिक मदद की, बल्कि उनकी नौकरी के लिए भी प्रयास कर रही है।
-- -
विज्ञापन
संस्था के चार लाख से अधिक सदस्यों ने मिलकर इन परिवारों को मात्र 15 रुपये की छोटी सी राशि भेजी। केवल 10 दिनों के भीतर प्रत्येक परिवार को 50 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई। यह राशि सीधे परिवारों के बैंक खातों में भेजी गई।
विज्ञापन
संगठन के संस्थापक विवेकानंद और प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. फर्रुख हसन ने बताया कि सहयोग परिवारों का मनोबल बढ़ाता है। प्रदेश के 476 परिवारों को लगभग 210 करोड़ रुपये की मदद कर चुकी है।
विज्ञापन
सह संस्थापक सुधेश पांडेय एवं संजीव रजक ने बताया कि कन्यादान योजना की तैयारियां शुरू हो गई है। जनवरी में ही शिक्षकों की बेटियों के कन्यादान के तौर पर एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुजफ्फरनगर के कुल 11 शिक्षकों के परिवारों को संस्था की ओर से पांच करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि भेजी जा चुकी है।
केस-एक
मोरना ब्लॉक के शिक्षक स्वर्गीय सुनील कुमार के निधन के बाद उनके परिवार में दो छोटे बच्चे और एक बुजुर्ग पिता थे। उनके मकान पर बैंक का कर्ज था, जो परिवार को मिली मदद से चुकाया जा सका।
केस- दो
सदर ब्लॉक के शेरपुर गांव में कार्यरत किशवर खातून का निधन कैंसर से हुआ था। लंबे इलाज पर काफी धन खर्च हुआ लेकिन वह ठीक नहीं हो सकीं। उनके निधन के बाद परिवार को मिली 50 लाख रुपये की मदद से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।
केस-3
बदला इंटर कॉलेज के शिक्षक स्वर्गीय योगेश कुमार की कहानी दुखद है। उनके निधन के बाद परिवार में केवल उनकी अविवाहित बहन थीं। संस्था ने न केवल आर्थिक मदद की, बल्कि उनकी नौकरी के लिए भी प्रयास कर रही है।