रिकाॅर्ड तोड़ गर्मी: सेहत का ख्याल रखें, बिना प्यास के भी पीते रहें पानी, इस तरह करें लू और धूप से बचाव
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराम कॉलेज में स्वास्थ्य एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।
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अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराम कॉलेज में स्वास्थ्य एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हीट वेव शरीर की कार्यप्रणाली पर प्रभाव डालती है। लू से बचाव के लिए पानी अमृत है। प्यास नहीं लगने पर भी पानी पीते रहें। शरीर में होने बदलाव पर नजर रखें।
स्वास्थ्य शिविर में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. गीतांजलि वर्मा ने कहा कि इन दिनों लू से आम जनजीवन प्रभावित है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। हल्के रंग के पसीना सोखने करने वाले सूती वस्त्र पहनें। छात्राएं और शिक्षिका अधिक से अधिक पानी पीते रहें।
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने कहा कि सावधानी से ही बचाव किया जा सकता है। शिक्षिका और छात्राएं संस्थान में आने-जाने के दौरान पानी की बोतल साथ रखें और पानी पीते रहें।इस मौके पर डीन मैनजमेंट डॉ. सौरभ मित्तल, रवि गौतम, नीतू सिंह मौजूद रहीं।
इस तरह करें लू और धूप से बचाव
- घर से बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, छाते और चश्मे का प्रयोग करें।
- हल्के रंग के सूती कपड़ें पहनें, कड़ी धूप से बचाव करें।
- छाछ, लस्सी, नमक-चीनी का घोल, नींबू का पानी पीएं।
- इच्छा नहीं होने पर भी बार-बार पानी पीएं।
- ओआरएस घोल का सेवन करें।
- यात्रा करते समय हमेशा पानी साथ में रखें।
- अधिक परिश्रम के काम के दौरान आराम भी करें।
यह बरतें सावधानी
- कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन और चक्कर आने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए।
- लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती, गीले कपड़ों से पोंछना चाहिए। शरीर पर पानी का स्प्रे करना चाहिए।
- जानवरों को छाया में बांधें और समय-समय पर पानी पिलाते रहें।