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जिले से जुड़े जातीय हिंसा भड़काने की साजिश के तार
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जिले से जुड़े जातीय हिंसा भड़काने की साजिश के तार
मुजफ्फरनगर/रतनपुरी। हाथरस कांड को लेकर प्रदेश में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश के तार जनपद से भी जुड़े पाए गए हैं। इस मामले का खुलासा करने वाली मथुरा पुलिस के हत्थे चढ़े चार आरोपियों में से एक रतनपुरी क्षेत्र के गांव नंगला निवासी है, जो पीएफआई की सहयोगी संस्था सीएफआई का सक्रिय सदस्य है। आरोपी गांव नंगला में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहा है।
मथुरा पुलिस ने पीएफआई संगठन के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर हाथरस कांड के बाद प्रदेश को जातीय हिंसा की आग में झोंकने की साजिश का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप एवं शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला साहित्य बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक रतनुपरी थाना क्षेत्र के गांव नंगला निवासी अतीक उर्ररहमान होने के कारण इस साजिश से जिले के तार भी जुड़ गए हैं। अतीक पीएफआई की सहयोगी संस्था सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) का सक्रिय सदस्य है, जिसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस व खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है। रतनपुरी पुलिस के अनुसार अतीक उर्ररहमान के पिता रौनक अली की गिनती गांव के संपन्न लोगों में होती है। रौनक अली के पास डाकघर की फ्रेंचाइजी होने के साथ ही करीब 60 बीघा जमीन भी है। अतीक उनका दूसरे नंबर का बेटा है, जो विवाहित होने के साथ ही शिक्षक भी है और हाल में पीएचडी की तैयारी भी कर रहा है। पिछले कुछ समय से वह ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की भी तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं, अतीक के बड़े भाई मतीन ने बताया कि वह काफी समय से हृदयरोग से त्रस्त है, जिसका दिल्ली में उपचार चल रहा है। तीन दिन पूर्व वह दवा लाने के लिए घर से गया था, वहां से मथुरा कैसे और क्यों पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं है। मतीन ने बताया कि मंगलवार सुबह ही मथुरा पुलिस ने उन्हें कॉल कर अतीक की गिरफ्तारी की सूचना दी है।
सीएए को लेकर हुई हिंसा में आया था पीएफआई का नाम
मुजफ्फरनगर। 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में सीएए को लेकर हुई हिंसा में भी पीएफआई का हाथ होने की बात सामने आई थी। उस समय पुलिस ने इस संगठन के चार सक्रिय सदस्यों फरमान व नफीस निवासी गांव जसोई, मुस्तकीम निवासी भनवाड़ा और इकबाल निवासी रियावली नंगला को गिरफ्तार भी किया था।
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मुजफ्फरनगर/रतनपुरी। हाथरस कांड को लेकर प्रदेश में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश के तार जनपद से भी जुड़े पाए गए हैं। इस मामले का खुलासा करने वाली मथुरा पुलिस के हत्थे चढ़े चार आरोपियों में से एक रतनपुरी क्षेत्र के गांव नंगला निवासी है, जो पीएफआई की सहयोगी संस्था सीएफआई का सक्रिय सदस्य है। आरोपी गांव नंगला में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहा है।
मथुरा पुलिस ने पीएफआई संगठन के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर हाथरस कांड के बाद प्रदेश को जातीय हिंसा की आग में झोंकने की साजिश का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप एवं शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला साहित्य बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक रतनुपरी थाना क्षेत्र के गांव नंगला निवासी अतीक उर्ररहमान होने के कारण इस साजिश से जिले के तार भी जुड़ गए हैं। अतीक पीएफआई की सहयोगी संस्था सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) का सक्रिय सदस्य है, जिसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस व खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है। रतनपुरी पुलिस के अनुसार अतीक उर्ररहमान के पिता रौनक अली की गिनती गांव के संपन्न लोगों में होती है। रौनक अली के पास डाकघर की फ्रेंचाइजी होने के साथ ही करीब 60 बीघा जमीन भी है। अतीक उनका दूसरे नंबर का बेटा है, जो विवाहित होने के साथ ही शिक्षक भी है और हाल में पीएचडी की तैयारी भी कर रहा है। पिछले कुछ समय से वह ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की भी तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं, अतीक के बड़े भाई मतीन ने बताया कि वह काफी समय से हृदयरोग से त्रस्त है, जिसका दिल्ली में उपचार चल रहा है। तीन दिन पूर्व वह दवा लाने के लिए घर से गया था, वहां से मथुरा कैसे और क्यों पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं है। मतीन ने बताया कि मंगलवार सुबह ही मथुरा पुलिस ने उन्हें कॉल कर अतीक की गिरफ्तारी की सूचना दी है।
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सीएए को लेकर हुई हिंसा में आया था पीएफआई का नाम
मुजफ्फरनगर। 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में सीएए को लेकर हुई हिंसा में भी पीएफआई का हाथ होने की बात सामने आई थी। उस समय पुलिस ने इस संगठन के चार सक्रिय सदस्यों फरमान व नफीस निवासी गांव जसोई, मुस्तकीम निवासी भनवाड़ा और इकबाल निवासी रियावली नंगला को गिरफ्तार भी किया था।
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