{"_id":"5b031d5f4f1c1bda408b7117","slug":"sp-district-president-s-factory-raid","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा जिलाध्यक्ष की सरिया फैक्ट्री पर छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा जिलाध्यक्ष की सरिया फैक्ट्री पर छापा
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 22 May 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
सपा जिलाध्यक्ष की फैक्ट्री में जांच करती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाणिज्यकर-जीएसटी टीम ने सपा जिलाध्यक्ष एवं उद्यमी गौरव स्वरूप और आकाश कुमार की जय बालाजी रोलिंग मिल्स पर छापे की कार्रवाई कर करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी है। अफसरों ने क्रय-विक्रय में अनियमितता के साथ सरिये स्टॉक रिकार्ड में भी अंतर पाया। मिल्स प्रबंधन से मौके पर 25 लाख का एडवांस टैक्स जमा कराया गया। इससे पहले डीजीजीएसटीआई की टीम ने 18 मई को शहर की अंबा स्टील और सर्वोत्तम रोलिंग मिल पर छापे की बड़ी कार्रवाई कर करोड़ों के टैक्स चोरी का खुलासा किया था।
मेरठ रोड स्थित वहलना इंडस्ट्री एरिया में सपा जिलाध्यक्ष एवं उद्योगपति गौरव स्वरूप, आकाश कुमार और शशांक की साझेदारी में जय बालाजी रोलिंग मिल्स है। सोमवार को वाणिज्यकर-जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर एसके शुक्ला के नेतृत्व में दो दर्जन अधिकारियों की पांच टीमों ने एक साथ छापेमारी की।
छापे की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। गौरव स्वरूप सहित कई उद्यमी फैक्ट्री पहुंच गए। अफसरों ने मिल्स प्रबंधन से जो-जो दस्तावेज मांगे, वह दिखाए गए। खरीद और बिक्री से जुड़े बिल रिकार्ड कब्जे में ले लिए गए। कंप्यूटर का डाटा जांच को लिया गया। स्टॉक की जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। स्टॉक के रिकार्ड में जितना सरिया दिखाया गया, मौके पर उससे ज्यादा मिला। लोहा निर्माण से जुडे कच्चे माल का विवरण भी सही नहीं पाया गया।
विज्ञापन
वाणिज्यकर असिस्टेंट कमिश्नर डीएस गौतम ने इस बात की पुष्टि की है। गौतम ने बताया कि मौके पर मिल्स के निदेशक आकाश कुमार से 25 लाख का टैक्स जमा कराया गया। मिल्स में मिली पत्रावलियों की जांच के बाद सुनिश्चित हो पाएगा कि सरिया निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया में जीएसटी के मानकों के विपरीत कितनी कर चोरी की गई है। यह अनुमान है कि कर चोरी करोड़ों में है। देर रात तक चली कार्रवाई से जिले के उद्यमियों में हलचल मची रही।
हालांकि कार्रवाई के दौरान मिल्स अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई विरोध नहीं जताया। चार दिन पहले डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुडस एंड सेल्स टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीएसटीआई) की नोएडा और मेरठ की टीम ने दो दिन तक शहर की अंबा स्टील्स और सर्वोत्तम रोलिंग मिल्स पर छापे की बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें 15 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी पकड़ी गई थी। फैक्ट्री प्रबंधन ने मौके पर ही पांच करोड़ का टैक्स जमा किया था।
कई फैक्ट्रियां निशाने पर
मुजफ्फरनगर। लोहा इंडस्ट्री में टैक्स चोरी के जरिये करोड़ों के गोलमाल की भनक डीजीजीएसटीआई को गोपनीय रूप से दी गई थी। तथ्यों के आधार पर शिकायत के बाद ही एडीजे सतर्कता मेरठ जोन मनीष गोयल के निर्देशन में 50 अफसरों की टीम ने गहनता से अलग-अलग बिंदुओं पर कर अपवंचन के मामले पकड़े।
लोहे के बड़े ट्रेडर्स विकल्प जैन, अभिषेक और फारूक के दफ्तरों पर छापे के बाद मिले कंप्यूटर रिकार्ड, पेन ड्राइव और इनवाइस ने करोड़ों की टैक्स चोरी का पर्दाफाश कर दिया। हालांकि दो सप्ताह पहले हुई इस कार्रवाई के बाद रोलिंग मिल से जुडे़ उद्यमियों ने बचाव के लिए नेटवर्क सक्रिय कर दिया था, मगर एक्साइज इंटेलीजेंस नोएडा के इशारे पर हो रही कार्रवाई के आगे सारे पैतरे धरे रह गए। डीजीजीएसआईटी के निशाने पर अभी और भी स्टील फैक्ट्री हैं।
विज्ञापन
मेरठ रोड स्थित वहलना इंडस्ट्री एरिया में सपा जिलाध्यक्ष एवं उद्योगपति गौरव स्वरूप, आकाश कुमार और शशांक की साझेदारी में जय बालाजी रोलिंग मिल्स है। सोमवार को वाणिज्यकर-जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर एसके शुक्ला के नेतृत्व में दो दर्जन अधिकारियों की पांच टीमों ने एक साथ छापेमारी की।
विज्ञापन
छापे की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। गौरव स्वरूप सहित कई उद्यमी फैक्ट्री पहुंच गए। अफसरों ने मिल्स प्रबंधन से जो-जो दस्तावेज मांगे, वह दिखाए गए। खरीद और बिक्री से जुड़े बिल रिकार्ड कब्जे में ले लिए गए। कंप्यूटर का डाटा जांच को लिया गया। स्टॉक की जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। स्टॉक के रिकार्ड में जितना सरिया दिखाया गया, मौके पर उससे ज्यादा मिला। लोहा निर्माण से जुडे कच्चे माल का विवरण भी सही नहीं पाया गया।
विज्ञापन
वाणिज्यकर असिस्टेंट कमिश्नर डीएस गौतम ने इस बात की पुष्टि की है। गौतम ने बताया कि मौके पर मिल्स के निदेशक आकाश कुमार से 25 लाख का टैक्स जमा कराया गया। मिल्स में मिली पत्रावलियों की जांच के बाद सुनिश्चित हो पाएगा कि सरिया निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया में जीएसटी के मानकों के विपरीत कितनी कर चोरी की गई है। यह अनुमान है कि कर चोरी करोड़ों में है। देर रात तक चली कार्रवाई से जिले के उद्यमियों में हलचल मची रही।
हालांकि कार्रवाई के दौरान मिल्स अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई विरोध नहीं जताया। चार दिन पहले डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुडस एंड सेल्स टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीएसटीआई) की नोएडा और मेरठ की टीम ने दो दिन तक शहर की अंबा स्टील्स और सर्वोत्तम रोलिंग मिल्स पर छापे की बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें 15 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी पकड़ी गई थी। फैक्ट्री प्रबंधन ने मौके पर ही पांच करोड़ का टैक्स जमा किया था।
कई फैक्ट्रियां निशाने पर
मुजफ्फरनगर। लोहा इंडस्ट्री में टैक्स चोरी के जरिये करोड़ों के गोलमाल की भनक डीजीजीएसटीआई को गोपनीय रूप से दी गई थी। तथ्यों के आधार पर शिकायत के बाद ही एडीजे सतर्कता मेरठ जोन मनीष गोयल के निर्देशन में 50 अफसरों की टीम ने गहनता से अलग-अलग बिंदुओं पर कर अपवंचन के मामले पकड़े।
लोहे के बड़े ट्रेडर्स विकल्प जैन, अभिषेक और फारूक के दफ्तरों पर छापे के बाद मिले कंप्यूटर रिकार्ड, पेन ड्राइव और इनवाइस ने करोड़ों की टैक्स चोरी का पर्दाफाश कर दिया। हालांकि दो सप्ताह पहले हुई इस कार्रवाई के बाद रोलिंग मिल से जुडे़ उद्यमियों ने बचाव के लिए नेटवर्क सक्रिय कर दिया था, मगर एक्साइज इंटेलीजेंस नोएडा के इशारे पर हो रही कार्रवाई के आगे सारे पैतरे धरे रह गए। डीजीजीएसआईटी के निशाने पर अभी और भी स्टील फैक्ट्री हैं।