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पांच भाइयों सहित सात अभियुक्तों को सात वर्ष का कारावास
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पांच भाइयों सहित सात अभियुक्तों को सात वर्ष का कारावास
मुजफ्फरनगर। अदालत ने पांच भाइयों और उनके दो बेटों सहित सात लोगों को दोषी करार देते हुए सात साल की कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है।
सिखेड़ा थाने पर गांव भंडूरा निवासी गुलशेर पुत्र सगीर हसन ने 3 अगस्त 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि सगीर, जब्बार, शमून, शहजाद आदि खेत पर जा रहे थे। जमीन विवाद को लेकर गांव के ही महबूब , नूरहसन , शाहिद , अबरार , राशिद उर्फ पप्पू पुत्रगण मंजूर हसन व सत्तार पुत्र नूर हसन , मोहसीन पुत्र अबरार ने लाठी डंडों से हमला कर दिया और गोली भी चलाई। हमले में सगीर , जब्बार , शमून और शहजाद आदि घायल हो गए। इनको बचाने गुलजार , गुलशेर , अन्नास गए, तो उनको भी घायल कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अदालत संख्या-9 में हुई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए महबूब , नूर हसन , शाहिद , अबरार , राशिद उर्फ पप्पू पुत्रगण मंजूर हसन व सत्तार पुत्र नूर हसन , मोहसीन पुत्र अबरार को मारपीट व जान लेवा हमला करने के जुर्म का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को धारा 147 में एक वर्ष का कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 148 के तहत दो वर्ष का कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 323/149 के तहत एक वर्ष का कारावास व 500 रुपया जुर्माना , धारा 325/149 के तहत चार वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपया का जुर्माना , धारा 308/149 के तहत सात वर्ष का कारावास व 15 हजार रुपये का जुर्माना , धारा 504 के तहत एक वर्ष का कारावास व 500 रुपये जुर्माना , धारा 506 के तहत दो वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ चलेंगी। कारावास सश्रम रहेगा और एक अभियुक्त पर 23 हजार रुपया जुर्माना हुआ है।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने पांच भाइयों और उनके दो बेटों सहित सात लोगों को दोषी करार देते हुए सात साल की कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है।
सिखेड़ा थाने पर गांव भंडूरा निवासी गुलशेर पुत्र सगीर हसन ने 3 अगस्त 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि सगीर, जब्बार, शमून, शहजाद आदि खेत पर जा रहे थे। जमीन विवाद को लेकर गांव के ही महबूब , नूरहसन , शाहिद , अबरार , राशिद उर्फ पप्पू पुत्रगण मंजूर हसन व सत्तार पुत्र नूर हसन , मोहसीन पुत्र अबरार ने लाठी डंडों से हमला कर दिया और गोली भी चलाई। हमले में सगीर , जब्बार , शमून और शहजाद आदि घायल हो गए। इनको बचाने गुलजार , गुलशेर , अन्नास गए, तो उनको भी घायल कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अदालत संख्या-9 में हुई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए महबूब , नूर हसन , शाहिद , अबरार , राशिद उर्फ पप्पू पुत्रगण मंजूर हसन व सत्तार पुत्र नूर हसन , मोहसीन पुत्र अबरार को मारपीट व जान लेवा हमला करने के जुर्म का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को धारा 147 में एक वर्ष का कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 148 के तहत दो वर्ष का कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 323/149 के तहत एक वर्ष का कारावास व 500 रुपया जुर्माना , धारा 325/149 के तहत चार वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपया का जुर्माना , धारा 308/149 के तहत सात वर्ष का कारावास व 15 हजार रुपये का जुर्माना , धारा 504 के तहत एक वर्ष का कारावास व 500 रुपये जुर्माना , धारा 506 के तहत दो वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ चलेंगी। कारावास सश्रम रहेगा और एक अभियुक्त पर 23 हजार रुपया जुर्माना हुआ है।