{"_id":"60a4089d8ebc3e920a5fecf1","slug":"roadways-buses-running-empty-due-to-lack-of-passengers-muzaffarnagar-news-mrt538895736","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्रियों के अभाव में खाली दौड़ रही रोड़वेज बसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्रियों के अभाव में खाली दौड़ रही रोड़वेज बसे
विज्ञापन
यात्रियों के अभाव में खाली दौड़ रहीं रोडवेज बसें
खतौली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण दहशत में आए लोगों ने यात्रा करनी कम कर दी। जिस कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की कमी आ रही है। बसें दो चार सवारियां लेकर ही चल रही है।
सामान्य दिनों में जहां बसों में भीड़ रहती थी। अब उन्हीं बसों में यात्रियों का टोटा दिखाई दे रहा है। बस स्टाप पर यात्रियों की संख्या नगन्य है। कस्बे में रोडवेज डिपो, बुढ़ाना तिराहा, जानसठ तिराहा, घंटाघर यह चार स्टैंड बसों के लिए हैं, जहां से बसों को सवारियां मिलती हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण के के कारण दहशत में आए लोग यात्रा करने से बच रहे हैं। कुछ असर कोरोना कर्फ्यू का भी है। ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्र तक लाने व ले जाने वाले प्राईवेट वाहन पूरी तरह से बंद हैं। यदि कहीं से ई-रिक्शा आदि चल रहे हैं तो वह यात्री से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
यात्री आनंद स्वरूप का कहना है कि जिन रूट पर निजी बस चलती थीं, वहां बसें बंद हो गईं। ई-रिक्शा चालक बसों के मुकाबले ढाई गुना किराया वसूल रहे हैं। उधर रोडवेज बसों में भी यात्री नहीं है। पांच-छह यात्री मिलने पर ही बस चालक चल देता है। बसों में यात्रियों की कमी को देखते हुए खतौली डिपो के अधिकारियों ने बड़ौत जाने वाले मार्ग पर बसों की संख्या कम कर दी है। बसों में यात्री कम होने के कारण लगातार लोड फैक्टर गिरता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खतौली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण दहशत में आए लोगों ने यात्रा करनी कम कर दी। जिस कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की कमी आ रही है। बसें दो चार सवारियां लेकर ही चल रही है।
सामान्य दिनों में जहां बसों में भीड़ रहती थी। अब उन्हीं बसों में यात्रियों का टोटा दिखाई दे रहा है। बस स्टाप पर यात्रियों की संख्या नगन्य है। कस्बे में रोडवेज डिपो, बुढ़ाना तिराहा, जानसठ तिराहा, घंटाघर यह चार स्टैंड बसों के लिए हैं, जहां से बसों को सवारियां मिलती हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण के के कारण दहशत में आए लोग यात्रा करने से बच रहे हैं। कुछ असर कोरोना कर्फ्यू का भी है। ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्र तक लाने व ले जाने वाले प्राईवेट वाहन पूरी तरह से बंद हैं। यदि कहीं से ई-रिक्शा आदि चल रहे हैं तो वह यात्री से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
यात्री आनंद स्वरूप का कहना है कि जिन रूट पर निजी बस चलती थीं, वहां बसें बंद हो गईं। ई-रिक्शा चालक बसों के मुकाबले ढाई गुना किराया वसूल रहे हैं। उधर रोडवेज बसों में भी यात्री नहीं है। पांच-छह यात्री मिलने पर ही बस चालक चल देता है। बसों में यात्रियों की कमी को देखते हुए खतौली डिपो के अधिकारियों ने बड़ौत जाने वाले मार्ग पर बसों की संख्या कम कर दी है। बसों में यात्री कम होने के कारण लगातार लोड फैक्टर गिरता जा रहा है।
विज्ञापन