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भूमि अधिग्रहण के विवाद में अटका है सड़क का निर्माण कार्य
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-चरथावल मुख्य मार्ग पर अरसे से टूटी सड़क का निर्माण भूमि अधिग्रहण के विवाद में फंसा है। बारिश में खस्ताहाल सड़क पर लोग कीचड़ से गुजरने पर मजबूर हैं। छह महीने पहले सेतु निगम मेरठ इकाई द्वारा मदरसे के पास से काली नदी पर रामलीला टिल्ला को निकलने वाले पुल का निर्माण पूरा कर दिया था लेकिन कुछ किसानों की जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण प्रशासन से क्लीन चिट नहीं मिलने से सड़क निर्माण अधूरा है।
मुजफ्फरनगर सीमा क्षेत्र में शनि धाम से 200 मीटर दूर चरथावल मार्ग पर मदरसे के निकट काली नदी पर पुल बने अरसा बीत गया। इस पुल के बनने से शहर की दूरी कई किमी कम हो जाएगी और लोगों को जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी। थानाभवन-चरथावल क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोगों को इस पुल के बनने का खासा लाभ हुआ है। लेकिन अभी न्याजूपुरा आदि गांव के किसानों की जमीन सड़क के बीच में आ रही है। इस मार्ग पर मिट्टी डाली गई है। किसानों के मुआवजे का विवाद काफी दिनों से प्रशासन की फाइलों में फंसा है। प्रशासन की हीलाहवाली से मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ में बन गए बड़े गड्ढे हादसे का सबब बने हुए हैं। इस मार्ग से आए दिन सत्तारूढ़ दल के नेता और अधिकारियों की गाड़ियों का कारवां फर्राटा भरता है। इसके बावजूद इस समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है।
प्रशासन की क्लीयरेंस मिलते ही सड़क का निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। दरअसल, निगम द्वारा छह महीने पहले ही पुल तैयार कर दिया था। भूमि अधिग्रहण का कुछ विवाद प्रशासन की तरफ से लंबित है। इस कारण पुल पार शहर की तरफ सड़क नहीं बन पा रही है। बृहस्पतिवार को पुल के समीप चरथावल मुख्य मार्ग पर बन गए गहरे गड्ढों में मिट्टी भराव कार्य कराया गया है। मुख्य मार्ग पर टूटी सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाएगा - केवी सिंह उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम इकाई मेरठ
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मुजफ्फरनगर सीमा क्षेत्र में शनि धाम से 200 मीटर दूर चरथावल मार्ग पर मदरसे के निकट काली नदी पर पुल बने अरसा बीत गया। इस पुल के बनने से शहर की दूरी कई किमी कम हो जाएगी और लोगों को जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी। थानाभवन-चरथावल क्षेत्र के करीब 50 गांवों के लोगों को इस पुल के बनने का खासा लाभ हुआ है। लेकिन अभी न्याजूपुरा आदि गांव के किसानों की जमीन सड़क के बीच में आ रही है। इस मार्ग पर मिट्टी डाली गई है। किसानों के मुआवजे का विवाद काफी दिनों से प्रशासन की फाइलों में फंसा है। प्रशासन की हीलाहवाली से मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ में बन गए बड़े गड्ढे हादसे का सबब बने हुए हैं। इस मार्ग से आए दिन सत्तारूढ़ दल के नेता और अधिकारियों की गाड़ियों का कारवां फर्राटा भरता है। इसके बावजूद इस समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है।
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प्रशासन की क्लीयरेंस मिलते ही सड़क का निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। दरअसल, निगम द्वारा छह महीने पहले ही पुल तैयार कर दिया था। भूमि अधिग्रहण का कुछ विवाद प्रशासन की तरफ से लंबित है। इस कारण पुल पार शहर की तरफ सड़क नहीं बन पा रही है। बृहस्पतिवार को पुल के समीप चरथावल मुख्य मार्ग पर बन गए गहरे गड्ढों में मिट्टी भराव कार्य कराया गया है। मुख्य मार्ग पर टूटी सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराया जाएगा - केवी सिंह उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम इकाई मेरठ
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