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Muzaffarnagar News: देहरादून के लिए खास ... मुजफ्फरनगर - शिक्षक संगठन के अध्यक्ष और मीडियाकर्मी ने दी गवाही
Wed, 31 Jan 2024 02:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 31 Jan 2024 02:52 AM IST
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रामपुर तिराहा कांड :
- अगली सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तिथि तय की गई
फोटो समेत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई ने सुरक्षा के बीच दो गवाहों को अदालत में पेश किया। इनमें एक मीडियाकर्मी और दूसरा कर्मचारी संगठन का अध्यक्ष रहा है। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में साक्ष्य कराए गए। इनमें एक मीडियाकर्मी और दूसरा घटना के समय पर्वतीय शिक्षक संगठन के अध्यक्ष पद पर तैनात थे। दोनों साक्षी चमोली के गोपेश्वर से अदालत में आए थे। अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी। दो महिला गवाहों की ओर से अदालत में सुरक्षा के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। अदालत ने चमोली के एसपी को सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
ये था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
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- अगली सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तिथि तय की गई
फोटो समेत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई ने सुरक्षा के बीच दो गवाहों को अदालत में पेश किया। इनमें एक मीडियाकर्मी और दूसरा कर्मचारी संगठन का अध्यक्ष रहा है। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में साक्ष्य कराए गए। इनमें एक मीडियाकर्मी और दूसरा घटना के समय पर्वतीय शिक्षक संगठन के अध्यक्ष पद पर तैनात थे। दोनों साक्षी चमोली के गोपेश्वर से अदालत में आए थे। अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी। दो महिला गवाहों की ओर से अदालत में सुरक्षा के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। अदालत ने चमोली के एसपी को सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
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ये था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
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