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भारी वाहनों से रजबहे का पुल हुआ जर्जर, दरार आई
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पुरकाजी के गांव सुवाहेड़ी के पास जर्जर हालत में रजबहे का पुल
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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भारी वाहनों से रजबहे का पुल हुआ जर्जर, दरार आई
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। क्षेत्र में निर्माणाधीन फैक्टरी में रेत बजरी आदि ले जाने वाले भारी वाहनों के गुजरने से रजबहे का पुल जर्जर हो चला है। हाल यह है कि पुल के निचले हिस्से में दरार पड़नी शुरू हो गई हैं। ग्रामीण पुल के टूट जाने की आशंका को लेकर भयभीत हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सहित प्रशासन से पुल के ऊपर से गुजरने वाले भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है।
क्षेत्र के गांव सुवाहेड़ी और रंडावली के बीच अंग्रेजी जमाने का एक रजबहे का पुल है। इस पुल से गुजरकर गांव सुवाहेड़ी, रंडावली और मिर्जापुर आदि गांवों के किसान अपने खेतों पर जाते हैं। यह पुल गांव मिर्जापुर के ग्रामीणों का गांव सुवाहेड़ी से होकर पुरकाजी, मुख्यालय और अन्य स्थानों पर जाने का एक मुख्य रास्ता है। करीब तीन माह से पास के ही गांव चंदन फार्म में दिल्ली के एक ग्रुप द्वारा एक फैक्टरी का निर्माण किया जा रहा है। फैक्टरी में रेत व बजरी आदि निर्माण सामग्री लेकर जाने वाले भारी वाहन इसी पुल से गुजर रहे हैं। इससे पुल बेहद जर्जर हालत में पहुंच गया है। ग्रामीणों को पुल के टूटने की आशंका सता रही है।
गांव सुवाहेड़ी के ग्राम प्रधान अब्दुल्ला सहित ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को प्रार्थना पत्र भेजकर पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की जा चुकी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुल टूट गया, तो क्षेत्र के हजारों किसानों का अपने खेतों पर जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा। ग्राम प्रधान अब्दुल्ला व भाकियू तोमर के तहसील अध्यक्ष दिलशाद राणा का कहना है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री सहित जनपद के सभी अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, मगर आज तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
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मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। क्षेत्र में निर्माणाधीन फैक्टरी में रेत बजरी आदि ले जाने वाले भारी वाहनों के गुजरने से रजबहे का पुल जर्जर हो चला है। हाल यह है कि पुल के निचले हिस्से में दरार पड़नी शुरू हो गई हैं। ग्रामीण पुल के टूट जाने की आशंका को लेकर भयभीत हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सहित प्रशासन से पुल के ऊपर से गुजरने वाले भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है।
क्षेत्र के गांव सुवाहेड़ी और रंडावली के बीच अंग्रेजी जमाने का एक रजबहे का पुल है। इस पुल से गुजरकर गांव सुवाहेड़ी, रंडावली और मिर्जापुर आदि गांवों के किसान अपने खेतों पर जाते हैं। यह पुल गांव मिर्जापुर के ग्रामीणों का गांव सुवाहेड़ी से होकर पुरकाजी, मुख्यालय और अन्य स्थानों पर जाने का एक मुख्य रास्ता है। करीब तीन माह से पास के ही गांव चंदन फार्म में दिल्ली के एक ग्रुप द्वारा एक फैक्टरी का निर्माण किया जा रहा है। फैक्टरी में रेत व बजरी आदि निर्माण सामग्री लेकर जाने वाले भारी वाहन इसी पुल से गुजर रहे हैं। इससे पुल बेहद जर्जर हालत में पहुंच गया है। ग्रामीणों को पुल के टूटने की आशंका सता रही है।
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गांव सुवाहेड़ी के ग्राम प्रधान अब्दुल्ला सहित ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को प्रार्थना पत्र भेजकर पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की जा चुकी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुल टूट गया, तो क्षेत्र के हजारों किसानों का अपने खेतों पर जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा। ग्राम प्रधान अब्दुल्ला व भाकियू तोमर के तहसील अध्यक्ष दिलशाद राणा का कहना है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री सहित जनपद के सभी अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, मगर आज तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।