{"_id":"648882315b4221fdb80cf968","slug":"preparation-for-disposal-of-12-thousand-pending-cases-of-challan-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-1722-2023-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: चालान के लंबित चले आ रहे 12 हजार मामलों के निस्तारण की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: चालान के लंबित चले आ रहे 12 हजार मामलों के निस्तारण की तैयारी
विज्ञापन
एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 तक के मामलों का निस्तारण किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जुर्माना भुगतने के लिए कोर्ट में लंबित चले आ रहे 12 हजार से ज्यादा चालान के मामलों में वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी। वाहन मालिकों को 2 करोड़ 70 लाख रुपया जुर्माना कोर्ट में जमा करना था। मगर, लंबे समय बाद भी चालान नहीं भुगता गया। ऐसे में इन प्रकरणों के निस्तारण का फैसला लिया गया है।
एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 तक के ऐसे सभी वाहनों को सुविधा देने के लिए परिवहन आयुक्त के आदेश सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को मिल गया हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों का चालान किया जाता है। परिवहन और यातायात पुलिस विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई करते हुए वाहनों के चालान किए जाते हैं। मामला पुराना होने पर वाहनों के चालान की फाइल एआरटीओ कार्यालय में भेज दिए जाते हैं। एआरटीओ कार्यालय में चालान नहीं भुगतने पर मामला कोर्ट में भेज दिया जाता है। मगर, 12 हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिनका जुर्माना कोर्ट में भी जमा नहीं किया गया है। एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 तक के मामलों का अब निस्तारण किया जाएगा।
कोर्ट में दाखिल कुल चालान-12224
कार-4046
पिकअप-3805
ई-रिक्शा-2689
बस-1300
ट्रैक्टर-384
-- --
कोर्ट में दाखिल मामलों में ही मिलेगा लाभ
लाखों जुर्माना भुगतने वाले वाहनों के चालान की रकम कोर्ट कम कर सकती हैं। परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी किए हैं। यातायात पुलिस और एआरटीओ कार्यालय द्वारा किए जाने वाले चालानों को इस आदेश से बाहर रखा गया हैं।
विज्ञापन
परिवहन आयुक्त के आदेश मिल गए है। कोर्ट ऐसे वाहनों को जुर्माना भुगतने में भारी लाभ दे सकती हैं। इसलिए वाहन चालक इस फायदा उठाना चाहिए। - विश्वजीत प्रताप सिंह, एआरटीओ।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जुर्माना भुगतने के लिए कोर्ट में लंबित चले आ रहे 12 हजार से ज्यादा चालान के मामलों में वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी। वाहन मालिकों को 2 करोड़ 70 लाख रुपया जुर्माना कोर्ट में जमा करना था। मगर, लंबे समय बाद भी चालान नहीं भुगता गया। ऐसे में इन प्रकरणों के निस्तारण का फैसला लिया गया है।
एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 तक के ऐसे सभी वाहनों को सुविधा देने के लिए परिवहन आयुक्त के आदेश सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को मिल गया हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों का चालान किया जाता है। परिवहन और यातायात पुलिस विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई करते हुए वाहनों के चालान किए जाते हैं। मामला पुराना होने पर वाहनों के चालान की फाइल एआरटीओ कार्यालय में भेज दिए जाते हैं। एआरटीओ कार्यालय में चालान नहीं भुगतने पर मामला कोर्ट में भेज दिया जाता है। मगर, 12 हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिनका जुर्माना कोर्ट में भी जमा नहीं किया गया है। एक जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2021 तक के मामलों का अब निस्तारण किया जाएगा।
विज्ञापन
कोर्ट में दाखिल कुल चालान-12224
कार-4046
पिकअप-3805
ई-रिक्शा-2689
बस-1300
ट्रैक्टर-384
कोर्ट में दाखिल मामलों में ही मिलेगा लाभ
लाखों जुर्माना भुगतने वाले वाहनों के चालान की रकम कोर्ट कम कर सकती हैं। परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी किए हैं। यातायात पुलिस और एआरटीओ कार्यालय द्वारा किए जाने वाले चालानों को इस आदेश से बाहर रखा गया हैं।
विज्ञापन
परिवहन आयुक्त के आदेश मिल गए है। कोर्ट ऐसे वाहनों को जुर्माना भुगतने में भारी लाभ दे सकती हैं। इसलिए वाहन चालक इस फायदा उठाना चाहिए। - विश्वजीत प्रताप सिंह, एआरटीओ।