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पीर खुशहाल की चिल्लागाह पर उर्स शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मोरना । गांव बिहारगढ़ में प्रत्येक वर्ष की भांति हजरत सूफी ख्वाजा हसन सरकार का 60वां उर्स मुबारक का शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस मौके पर जिक्रे इलाही, धार्मिक प्रवचन और कव्वालियों का आयोजन हुआ। शुक्रताल से पहुंचे संत स्वामी अवधेशानंद महाराज तथा महामंडलेश्वर गोपालाचार्य जी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
मुजफ्फरनगर से 25 किलोमीटर दूर गांव बिहारगढ़ में स्थित बाबा पीर हजरत मोहम्मद खुशहाल की चिल्लागाह पर शनिवार को सुबह सात बजे 60वें उर्स का आगाज जिक्रे इलाही के साथ हो गया। हजरत सरकार पीर खुशहाल की चादरपोशी के उपरांत इस वर्ष सज्जादे हजरत सूफी मोहम्मद जव्वाद मियां की देखरेख में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
दोपहर के समय वाज व तकरीर आलिम ए दीन ने की। दरुद व सलाम के उपरांत खसूसी दुआ कराई गई। अंत में कव्वालियों में सूफियाना कलाम व नाते पाक की प्रस्तुति की गई। इस मौके पर पूर्व मंत्री सईदुज्जमा, सूफी फखरुदीन मियां, हजरत ख्वाजा कुतुबुदीन चिश्ती, सूफी दिलनवाज, ताजीम इलाही, सूफी शौकत मियां, सावन सिंह, सूफी इकबाल मियां, सूफी फैसल मियां, सूफी इकबाल मियां, सूफी मंसूर मियां, सूफी सैय्यद सलीम मियां, उस्मान मियां, सरदार भगवान सिंह, शेर सिंह, राजू सरदार, सूफी कमालुदीन व श्रीशुकदेव आश्रम सहित अन्य आश्रमों से साधु-संतों ने शिरकत की।
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मुजफ्फरनगर से 25 किलोमीटर दूर गांव बिहारगढ़ में स्थित बाबा पीर हजरत मोहम्मद खुशहाल की चिल्लागाह पर शनिवार को सुबह सात बजे 60वें उर्स का आगाज जिक्रे इलाही के साथ हो गया। हजरत सरकार पीर खुशहाल की चादरपोशी के उपरांत इस वर्ष सज्जादे हजरत सूफी मोहम्मद जव्वाद मियां की देखरेख में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
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दोपहर के समय वाज व तकरीर आलिम ए दीन ने की। दरुद व सलाम के उपरांत खसूसी दुआ कराई गई। अंत में कव्वालियों में सूफियाना कलाम व नाते पाक की प्रस्तुति की गई। इस मौके पर पूर्व मंत्री सईदुज्जमा, सूफी फखरुदीन मियां, हजरत ख्वाजा कुतुबुदीन चिश्ती, सूफी दिलनवाज, ताजीम इलाही, सूफी शौकत मियां, सावन सिंह, सूफी इकबाल मियां, सूफी फैसल मियां, सूफी इकबाल मियां, सूफी मंसूर मियां, सूफी सैय्यद सलीम मियां, उस्मान मियां, सरदार भगवान सिंह, शेर सिंह, राजू सरदार, सूफी कमालुदीन व श्रीशुकदेव आश्रम सहित अन्य आश्रमों से साधु-संतों ने शिरकत की।
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