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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - ठंड की दस्तक के साथ फूलने लगी लोगों की सांस
Wed, 06 Dec 2023 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:42 AM IST
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। ठंड की दस्तक के साथ अस्थमा रोगियों की सांस फूलने लगी है। जिला चिकित्सालय सहित अन्य अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सांस रोगियों को ऑक्सीजन का सहारा लेना पड़ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में सांस रोगी अस्पताल पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं।
जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वैसे-वैसे सांस रोगियों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। सर्दी और प्रदूषण के कारण अस्थमा रोगियों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय में रोजाना सौ के लगभग सांस के मरीज पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि अस्पताल में सांस के करीब 15 मरीज भर्ती है, जिनकी लगातार ऑक्सीजन चल रही है। उन्होंने कहा कि सांस के मरीजों को सुबह जल्दी उठकर बाहर ना निकलें।
सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को धूल, मिट्टी, धुआं व धुंध से बचाव करना चाहिए। बीड़ी-सिगरेट व एल्कोहल से भी परहेज करने की बहुत जरूरत है। सर्दियों में अस्थमा व सांस रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। ठंड की वजह से उन्हें सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सर्दी से बचाव के लिए कुछ सांस रोगी अलाव या हीटर का सहारा भी लेते हैं, जो ठीक नहीं है। मरीजों को इससे बचना चाहिए।
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मुजफ्फरनगर। ठंड की दस्तक के साथ अस्थमा रोगियों की सांस फूलने लगी है। जिला चिकित्सालय सहित अन्य अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सांस रोगियों को ऑक्सीजन का सहारा लेना पड़ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में सांस रोगी अस्पताल पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं।
जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वैसे-वैसे सांस रोगियों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। सर्दी और प्रदूषण के कारण अस्थमा रोगियों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय में रोजाना सौ के लगभग सांस के मरीज पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि अस्पताल में सांस के करीब 15 मरीज भर्ती है, जिनकी लगातार ऑक्सीजन चल रही है। उन्होंने कहा कि सांस के मरीजों को सुबह जल्दी उठकर बाहर ना निकलें।
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सांस की बीमारी से ग्रसित लोगों को धूल, मिट्टी, धुआं व धुंध से बचाव करना चाहिए। बीड़ी-सिगरेट व एल्कोहल से भी परहेज करने की बहुत जरूरत है। सर्दियों में अस्थमा व सांस रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। ठंड की वजह से उन्हें सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सर्दी से बचाव के लिए कुछ सांस रोगी अलाव या हीटर का सहारा भी लेते हैं, जो ठीक नहीं है। मरीजों को इससे बचना चाहिए।
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