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बंद रहा बेअसर, एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सड़क पर उतरे सवर्ण समाज के लोग

Fri, 07 Sep 2018 12:10 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 07 Sep 2018 12:10 AM IST
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People of upper caste community on the street in protest of SC-ST act
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में प्रदर्शन करते सवर्ण समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के संशोधन संबंधी फैसले को पलटने वाला कानून लाए जाने को लेकर सवर्ण व ओबीसी संगठनों द्वारा प्रस्तावित भारत बंद का जिले में मिलाजुला असर रहा। चरथावल में बंद का आंशिक असर रहा। हालांकि एहतियातन जिले में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में कुछ माह पूर्व संशोधन करते हुए बिना जांच पूरी किए किसी की गिरफ्तारी नहीं होने के आदेश दिए गए थे। इस फैसले को लेकर दलित समाज में आक्रोश उत्पन्न हो गया था, जिसके चलते दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद का एलान किया था। एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन को लेकर दलितों में उत्पन्न आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के इस संशोधन संबंधी आदेश को निष्प्रभावी कर दिया था।
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उक्त अध्यादेश को लेकर स्वर्ण व ओबीसी संगठनों में केंद्र सरकार को लेकर उबाल है, जिसके चलते बृहस्पतिवार को विभिन्न सवर्ण व ओबीसी संगठनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया था। प्रस्तावित भारत बंद का जनपद में किसी तरह का कोई असर देखने को नहीं मिला। हालांकि चरथावल में बंद का आंशिक असर रहा, जिसमें दुकानदारों ने कुछ समय के लिए अपनी दुकानें बंद रखकर केंद्र सरकार के अध्यादेश का विरोध जताया। इसके अलावा, जनपद में शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी बंद बेअसर रहा, जिसमें सभी बाजार रोजमर्रा की ही भांति खुले रहे। हालांकि ऐहतियातन पूरे जिले में बंद को लेकर पुलिस बल व पीएसी संवेदनशील स्थानों पर पूरे दिए डटा रहा।
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सवर्ण समाज के लोगों का प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ संसद द्वारा एसएसी/एसटी कानून में बदलाव किए जाने के विरोध में स्वर्ण समाज के लोगों ने पैदल मार्च कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन भी दिया गया। एससी/एसटी अधिनियम एवं आरक्षण के विरोध में ब्राह्मण समाज की अगुवाई में सवर्ण समाज के लोगों ने टाउन हाल से पैदल मार्च कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि 70 वर्षों से चली आ रही आरक्षण की व्यवस्था समाप्त की जाए।

आरक्षण व्यवस्था जाति आधार न होकर आर्थिक आधार पर होनी चाहिए। जातीय आधार पर होने के कारण आज समाज बंटने के कगार पर खड़ा हो गया है। एससी/एसटी अधिनियम में किए गए संशोधन को फिर से बहाल किया जाए। नहीं तो सरकार को स्वर्ण समाज के विरोध का सामना करना होगा। स्वर्ण समाज में रोष है और वह सड़क पर आकर विरोध करने के लिए तैयार है। अक्षय शर्मा, सतीश शर्मा, सुबोध शर्मा, विजय शुक्ला, नवरत्न शुक्ला, राकेश शर्मा, कोमल गौतम, अनिल शर्मा, राकेश वशिष्ठ, राजीव शर्मा, प्रदीप शर्मा, मनोज शर्मा आदि रहे। 

भारत बंद बेअसर, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
खतौली। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्णों की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से भारत बंद की घोषणा का कोई असर नहीं पड़ा। तहसील में अखिल भारतीय युवा वैश्य महासभा और संयुक्त व्यापार मंडल ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम इंद्रकांत द्विवेदी को सौंपा। ज्ञापन में एससी-एसटी एक्ट व पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने की मांग की गई।

ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के अध्यक्ष विपिन कंसल, अंकुर सिंघल, अंकित तायल, माधव गुप्ता, मानव गुप्ता, अनुज गोयल, चिराग सिंघल, आशीष कंसल, सचिन गोयल, विशाल गुप्ता, अमित अग्रवाल, अशोक गुप्ता, वेदप्रकाश अग्रवाल, पंडित ओमप्रकाश शर्मा, अजय गुप्ता, दिनेश जैन, नीरज गुप्ता, विनित जैन, जगदीश आर्य, हरिओम, अशोक गुप्ता, राकेश प्रजापति, अंकित तायल, अवधेश गौड़, सतीश नागपाल, राम नारायण, संजय बागड़ी, सोनू ठाकुर, अंकित तायल, नीरज शर्मा आदि शामिल रहे।

जानसठ में जुलूस निकाला, ज्ञापन सौंपा
जानसठ। कस्बे में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद विफल रहा। बृहस्पतिवार को सवर्ण समाज के युवकों ने मोहल्ला मंगल बाजार से जुलूस निकालकर तहसील में पहुुंचे। युवकों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम की अनुपस्थिति में उनके स्टेनो को सौंपा। ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष उमाशंकर ने इस मामले में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम की आलोचना की।  ज्ञापन देने वालों में गौरव पंडित, दीपक शर्मा, सुल्तान राव, अनुज शर्मा, लक्ष्मीकांत, नरेश तंवर, मोंटी काकरान, प्रदीप राना, प्रदीप कांबोज आदि लोग मौजूद रहे।

शुक्रताल में व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे
मोरना। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में शुक्रताल के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर अपनी नाराजगी जताई। एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग, सवर्णों के साथ अन्याय, फर्जी मुकदमों में फंसाने व सवर्णों का उत्पीड़न करने तथा गरीब सवर्णों को किसी भी प्रकार की सहायता न मिलने को लेकर भारत बंद के समर्थन में शुक्रताल के व्यापारी लामबंद हुए। शुकदेव बाजार, बस स्टैंड, अंबेडकर चौक, गंगा घाट आदि पर व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बाजार बंद से दिनभर सन्नाटा पसरा रहा तथा श्रद्धालुओं को सामान खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा। 

दुकानें बंद रख केंद्र सरकार पर साधा निशाना
चरथावल। केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए बदलाव को लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने बृहस्पतिवार को बाजार बंद रखा और नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने पीएम मोदी के नाम एक ज्ञापन भेजकर कानून में संशोधन को बदलने की मांग की है। केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर सवर्ण समाज के लोग आहत है। कस्बे के कानूनगोयान मोहल्ले, बस स्टैंड और बाजार में लोगों ने विरोध में प्रतिष्ठान बंद रखें और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। युवा नेता वरुण त्यागी ने कहा कि पिछड़े समाज और सवर्ण समाज के लिए काला कानून साबित होगा।


फर्जी मुकदमों की बाढ़ आएगी और बेकसूर लोगों को रंजिशन झूठा फंसाने की प्रवृत्ति में इजाफा होगा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक लोगों ने दुकान बंद रखते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर दुकानदारों के अलावा आम लोगों ने विरोध प्रकट किया। डाक्टर विशाल कौशिक, बबली त्यागी, अतुल गर्ग, तरुण गर्ग, मूसा, कल्लू पाल, अजय त्यागी, मोनू शर्मा, शाकिर अंसारी आदि ने विरोध जताया। इसके अलावा सवर्ण समाज के ज्यादातर लोगों ने मोबाइल फोन पर मिस कॉल देकर विरोध दर्ज कराया।
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