{"_id":"57f7f24a4f1c1b526a26fb4b","slug":"penitential-vigil","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद शिया सोगवारों ने मातमी जुलूस निकाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद शिया सोगवारों ने मातमी जुलूस निकाला
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 08 Oct 2016 04:14 PM IST
विज्ञापन
मातमी जुलूस निकालते शोगवार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद से शिया सोगवारों की मजलिसों का सिलसिला जारी है। शिया समाज की महिलाएं, बच्चे, पुरुष काले लिबास पहन कर इमाम बारगाहों में जगह-जगह होने वाली मजलिसों में भाग ले रहे हैं।
अंजुमन दुआ-ए जेहरा के प्रवक्ता इंतजार हुसैन जैदी ने बताया कि बल्लन मियां, अच्छन मियां के अजाखाना बकरा मार्केट पर दो बजे एक मजलिस का आयोजन किया गया। मर्सिया ख्वानी नुसरत हुसैन, अख्तर हुसैन आदि ने की। मौलाना नजर अब्बास ने सिरेतुलनबी और इमाम हुसैन के जीवन पर रोशनी डाली और शांति के लिए दुआ कराई। मौलाना ने जब इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र किया तो हजारों शिया सोगवारों की आंखें नम हो गईं।
तकरीर के बाद जुलजुनाह अलम बरामद हुए। सवारी अली मियां, शान मियां, सादिक हुसैन आदि ने की। यहां से एक मातमी जुलूस जिसमें शहर की सभी मातमी अंजुमने शामिल रही इमामबारगाह यादगारे हुसैनी गढ़ी गोरवान से होता हुआ, मोती महल, सर्राफा बाजार, लोहिया बाजार, खालापार, अबुपुरा आदि स्थानों पर होता हुआ खादरवाला पर देर रात समाप्त हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंजुमन दुआ-ए जेहरा के प्रवक्ता इंतजार हुसैन जैदी ने बताया कि बल्लन मियां, अच्छन मियां के अजाखाना बकरा मार्केट पर दो बजे एक मजलिस का आयोजन किया गया। मर्सिया ख्वानी नुसरत हुसैन, अख्तर हुसैन आदि ने की। मौलाना नजर अब्बास ने सिरेतुलनबी और इमाम हुसैन के जीवन पर रोशनी डाली और शांति के लिए दुआ कराई। मौलाना ने जब इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र किया तो हजारों शिया सोगवारों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
तकरीर के बाद जुलजुनाह अलम बरामद हुए। सवारी अली मियां, शान मियां, सादिक हुसैन आदि ने की। यहां से एक मातमी जुलूस जिसमें शहर की सभी मातमी अंजुमने शामिल रही इमामबारगाह यादगारे हुसैनी गढ़ी गोरवान से होता हुआ, मोती महल, सर्राफा बाजार, लोहिया बाजार, खालापार, अबुपुरा आदि स्थानों पर होता हुआ खादरवाला पर देर रात समाप्त हुआ।
विज्ञापन