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झारखंड विस में मॉब लिंचिंग विरोधी बिल पारित करना स्वागत योग्य: उलमा
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उलमा बोले: पूरी ईमानदारी से कानून पर अमल कराए सरकार, दूसरे राज्य भी बनाएं कानून
फोटो संख्या 5, 5ए
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन राज्य में मॉब लिंचिंग पर लगाम लगाने के लिए मॉब लिंचिंग विरोधी बिल पारित किए जाने का उलमा ने स्वागत किया है। उलमा का कहना है कि यह एक अच्छा कदम है। इस पर पूरी ईमानदारी के साथ अमल किया जाना चाहिए।
फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि झारखंड विधानसभा में मॉब लिंचिंग को लेकर कानून बनाना स्वागत योग्य है। कानून के जरिए सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बीच विश्वास पैदा होगा। इसके साथ ही आपसी सद्भाव और शांति स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पर पूरी ईमानदारी से अमल किया जाए और अमल कराने वालों की नीयत भी अच्छी होनी चाहिए। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि झारखंड की तरह ही हर राज्य में इस तरह के कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है। क्योंकि पूर्व में दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं घटीं वह इंसानियत को शर्मसार करनी वाली थीं। सभी को मॉब लिंचिंग बिल का स्वागत करना चाहिए, साथ ही झारखंड सरकार को चाहिए कि वह साफ नीयत के साथ इस कानून पर अमल कराए। ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन राज्य में मॉब लिंचिंग पर लगाम लगाने के लिए मॉब लिंचिंग विरोधी बिल पारित किए जाने का उलमा ने स्वागत किया है। उलमा का कहना है कि यह एक अच्छा कदम है। इस पर पूरी ईमानदारी के साथ अमल किया जाना चाहिए।
फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि झारखंड विधानसभा में मॉब लिंचिंग को लेकर कानून बनाना स्वागत योग्य है। कानून के जरिए सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बीच विश्वास पैदा होगा। इसके साथ ही आपसी सद्भाव और शांति स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पर पूरी ईमानदारी से अमल किया जाए और अमल कराने वालों की नीयत भी अच्छी होनी चाहिए। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि झारखंड की तरह ही हर राज्य में इस तरह के कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है। क्योंकि पूर्व में दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं घटीं वह इंसानियत को शर्मसार करनी वाली थीं। सभी को मॉब लिंचिंग बिल का स्वागत करना चाहिए, साथ ही झारखंड सरकार को चाहिए कि वह साफ नीयत के साथ इस कानून पर अमल कराए। ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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