फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Opposition to the citizenship amendment bill in Muzaffarnagar

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सड़क पर उतरा मुस्लिम समाज

Sat, 14 Dec 2019 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
Opposition to the citizenship amendment bill in Muzaffarnagar
नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन करते जमियत उलमा के कार्यकर्ता। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
- जमीयत उलमा हिंद के बैनर तले जुमे की नमाज के बाद किया प्रदर्शन
विज्ञापन

- बिल को संविधान के खिलाफ एवं नफरत फैलाने वाला बताया
(फोटो समाचार)
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ मुस्लिम समाज का आक्रोश फूट पड़ा। जुमे की नमाज के बाद जमीयत उलमा हिंद के बैनर तले लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और विधेयक को संविधान की मूल अवधारणा के खिलाफ तथा नफरत फैलाने वाला बताया। नगर में दो स्थानों पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अफसरों को दिए गए।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग जमीयत उलमा हिंद के बैनर तले एकत्र हुए। बारिश के बावजूद फक्करशाह चौक एवं मदनी चौक पर बाहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उलमा ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह बिल संविधान के खिलाफ है। यह बिल धर्म की बुनियाद पर देशवासियों को बांटकर नफरत फैलाने वाला है। सांप्रदायिक ताकतें देश को तोड़ना चाहती हैं। किसी एक तबके को नजरअंदाज करके देश तरक्की नहीं कर सकता। मुसलमानों को नजरअंदाज करना देश के लिए नुकसानदायक साबित होगा। फक्करशाह चौक पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह एवं एसपी सिटी सतपाल आंतिल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया जबकि मदनी चौक पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लिया। प्रदर्शनकारियों में मुफ्ती बिनयामीन, कारी मोहम्मद सादिक, डा. जमालुद्दीन, मौलाना खालिद जाहिद, मौलाना अरशद, मुफ्ती मोहम्मद इकबाल, मौलाना मआज हसन, कारी आरिफ, मौलाना मूसा, कारी अब्दुल माजिद, कारी खालिद, मौलाना कलीमुल्लाह, हाजी आसिफ, मो. अजहर, कारी आदिल, नूर इलाही, मो. शिबली, मोहम्मद अफजाल आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

------
छह सूत्रीय ज्ञापन में शामिल रहीं प्रमुख बातें
- नागरिकता संशोधन विधेयक में धर्म के आधार पर नागरिकता को विभाजित करने की मंशा प्रतीत होती है तथा यह देश के बहुलतावादी ताने-बाने का उल्लंघन है।
- संविधान में सभी धर्मों के लोगों के साथ समान व्यवहार करने की वचनबद्धता है। संबंधित बिल में नागरिकता के लिए धर्म का उपयोग देश के इतिहास में एक विराम को चिह्नित करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक संविधान की भावना और इसकी मूल संरचना का उल्लंघन करता है।
- यह बिल असम समझौते 1985 का भी उल्लंघन करता है।
- सभी न्याय प्रेमी और धर्म निरपेक्ष नागरिक सामूहिक रूप से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं तथा इसके क्रियान्वयन को रोकने के लिए हर संभव कानूनी तरीके से विरोध करें।
- राष्ट्रपति से अपील की गई कि इस कानून का स्वयं संज्ञान लें, जिसके लागू होने से संविधान की मूल संरचना नष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed