न परिजन आए और न एसपी का जवाब, उत्कल हादसे में मरे व्यक्ति की शनाख्त में पेंच
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19 अगस्त की शाम करीब 5:46 पर खतौली रेलवे लाइन पर पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गई थी। ट्रेन हादसे में मौके पर 22 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच लोगों की मौत उपचार के दौरान हुई है। हादसे में 200 से अधिक रेल यात्री घायल हुए थे। जीआरपी ने मृत वृद्ध यात्री का अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके दाहिने हाथ पर रामप्रकाश दास गुदा हुआ था, जिसकी मध्यप्रदेश के जिला भिंड के गांव कुनीनगर के भगवानदास और उनके भतीजे ने रामप्रकाश को अपना परिजन बताया था, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं कर सके थे।
इसको लेकर जीआरपी ने परिजनों के बताए पते पर मृतक के बारे में जांच-पड़ताल करने के प्रयास किए। भिंड के एसपी को लेटर भेजकर पते की तस्दीक कराई गई। साथ ही परिजनों को डीएनए टेस्ट के बुलाया गया। मामले में दो माह बीतने के बाद भी न तो परिजन आ सके और न ही भिंड के एसपी को रामप्रकाश दास के बारे में कोई जवाब आया है। मामले की विवेचना सीओ जीआरपी गाजियाबाद कर कर रहे हैं। नए सीओ आने के कारण रेलवे कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ हो सकती है। एसओ जीआरपी किशन अवतार ने बताया कि फिलहाल रामप्रकाश दास को अज्ञात ही माना गया है। परिजन और भिंड के एसपी को इस बारे में कोई जवाब नहीं आ सका है, जिसके चलते शनाख्त नहीं हो सकी है।