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एटीेएम में कहीं नकदी तो कहीं नेटवर्किंग गायब, आरबीआई से पैसा भरपूर, शहर के एटीएम खाली
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:30 AM IST
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शहर के एटीएम के बाहर लगी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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नौ नवंबर 2016 का वह दिन, जब पूरा देश काम-धंधा छोड़कर बैंकों की लाइन में लगा था। केंद्र सरकार ने 1000-500 के पुराने नोट बंद कर दिए थे। एक साल बाद भी एटीएम की हालत बेहतर नहीं हो सकी है। 2000 और 500 के नए नोट आने के बाद एटीएम चालू तो हुए, मगर जनता के हाथ में आज भी पर्याप्त पैसे की कमी है। शहर के एटीएम का बुरा हाल है। किसी एटीएम से पैसा नहीं निकल रहा है तो कहीं नेटवर्किंग ठप पड़ी है।
नोटबंदी के बाद आरबीआई ने प्रत्येक जिले को सीमित रूप में नई करेंसी जारी की थी। बैंकों से एक व्यक्ति को 2500 से 3000 रुपये दिए गए, जबकि शुरुआत में एटीएम से निकासी की सीमा 2500 रखी गई, बाद में इसे बढ़ाकर एक दिन में 25 हजार किया गया। नोटबंदी के बाद एटीएम में पैसा रखने में बैंकों ने रुचि नहीं दिखाई। जिले में सभी शाखाओं के करीब 200 एटीएम है।
जिन पर कैश की किल्लत का यह हाल पिछले एक साल से बना है। नोटबंदी के बाद अब तक एटीएम की हालत भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। जिले के लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि आरबीआई से अब पर्याप्त रूप में पैसा मिल रहा है। एटीएम में रुपये रखे जा रहे हैं। कहीं समस्या है तो उसे भी दिखवाया जाएगा। हालांकि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। इसको लेकर भी कुछ एटीएम पर कमतर कैश रखा जा रहा है।
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1-समय: दोपहर 01 बजे, स्थान प्रकाश चौक
एसबीआई का एटीएम लगा है। एटीएम के बाहर कई उपभोक्ता रुपये निकालने के लिए खड़े हैं। लेकिन, समस्या बड़े नोट बने हैं। एटीएम में 100 और 200 का नोट कहीं है। सीधे 2000 रुपये के नोट एटीएम में रखे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान है। दोपहर दो बजे के बाद एटीएम में नो कैश की सूचना स्क्रीन पर जारी हो जाती है।
2-समय 1:15 बजे। स्थान: कचहरी रोड
कचहरी रोड पर पीएनबी के एटीएम की हालत खराब मिली। यहां गार्ड बैठा है। जबकि एटीएम का आधा शटर डाउन है। एटीएम में नेटवर्किंग की खराबी होने के कारण पैसा नहीं निकल रहा है। यह हालात एक दो रोज से नहीं है, नोटबंदी के बाद से यही हाल है। एटीएम में कैश रखने में बैंक गुरेज कर रहे हैं।
3-समय 1:30 बजे। स्थान: रुड़की रोड
एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के एटीएम नजदीकी दूरियों पर है। दोनों एटीएम से रुपये निकालने के लिए ग्राहक पहुंचे है, लेकिन काफी देर तक कार्ड लगाकर प्रयास किया। चंद मिनटों बाद एटीएम ने सॉरी नो केश की सूचना दे दी। मायूस ग्राहक एटीएम से लौट गए।
4-समय 1:45 बजे। स्थान: रेलवे रोड
रेलवे रोड पर एसबीआई की मुख्य शाखा है। पास ही एटीएम के साथ डिपाजिट मशीन भी लगी है। यहां रुपये निकालने के लिए लाइन लगी मिली। एटीएम पर रुपये निकालने के लिए ग्राहक खड़े हैं। यह भी दिन ढलते ही खत्म होने का संदेश जारी देता है।
परवान नहीं चढ़ी कैशलेस व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। नोटबंदी के बाद कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए स्वाइप मशीन लगाई गई, लेकिन व्यवस्था अधिक रूप से प्रभावी नहीं हो सकी है। पेट्रोल पंप, छोटे-बड़े दुकानदारों ने पेटीएम, स्वाइप मशीनों का प्रयोग किया। वक्त के साथ यह सब बदल गया। फिर से वही पुराने ढर्रे पर काम होने लगा है। कुछेक शोरूमों, पेट्रोल पंपों और दुकानों को छोड़कर अन्य सब स्थानों पर कैश भुगतान किया जा रहा है।
कांग्रेस ने काली पट्टी बांध विरोध जताया
नोटबंदी के केंद्र सरकार के निर्णय को गलत बताते हुए एक साल पूरा होने पर रालोद ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। रालोद कार्यकर्ताओं ने हाथ में तख्ती लेकर नोटबंदी का विरोध जताया। देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया।
काला धन सामने लाने के बीजेपी के वादों को धोखा बताया। प्रदर्शनकारियों में जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, अभिषेक चौधरी, सुधीर भारतीय, मुर्तजा सलमानी, हर्ष राठी आदि शामिल रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर हाथ पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। कचहरी में प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष नानू मियां, हरेंद्र त्यागी, मुकेश शर्मा, जगदीश अरोरा ने नोट बंदी को देश के लिए नुकसान पहुंचाने वाली बताया।
यह भी आरोप लगाया कि नोटबंदी के सहारे भाजपा नेताओं ने बड़ा खेल किया है। कांग्रेस पहले दिन से ही नोटबंदी का विरोध कर रही है। इन्हीं के साथ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कामिल, राशिद मलिक, सैयाद अली, हुसैन अहमद, राजउलहक, बिसंबर सिंह, आबिद आदि रहे।
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नोटबंदी के बाद आरबीआई ने प्रत्येक जिले को सीमित रूप में नई करेंसी जारी की थी। बैंकों से एक व्यक्ति को 2500 से 3000 रुपये दिए गए, जबकि शुरुआत में एटीएम से निकासी की सीमा 2500 रखी गई, बाद में इसे बढ़ाकर एक दिन में 25 हजार किया गया। नोटबंदी के बाद एटीएम में पैसा रखने में बैंकों ने रुचि नहीं दिखाई। जिले में सभी शाखाओं के करीब 200 एटीएम है।
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जिन पर कैश की किल्लत का यह हाल पिछले एक साल से बना है। नोटबंदी के बाद अब तक एटीएम की हालत भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। जिले के लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि आरबीआई से अब पर्याप्त रूप में पैसा मिल रहा है। एटीएम में रुपये रखे जा रहे हैं। कहीं समस्या है तो उसे भी दिखवाया जाएगा। हालांकि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। इसको लेकर भी कुछ एटीएम पर कमतर कैश रखा जा रहा है।
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1-समय: दोपहर 01 बजे, स्थान प्रकाश चौक
एसबीआई का एटीएम लगा है। एटीएम के बाहर कई उपभोक्ता रुपये निकालने के लिए खड़े हैं। लेकिन, समस्या बड़े नोट बने हैं। एटीएम में 100 और 200 का नोट कहीं है। सीधे 2000 रुपये के नोट एटीएम में रखे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान है। दोपहर दो बजे के बाद एटीएम में नो कैश की सूचना स्क्रीन पर जारी हो जाती है।
2-समय 1:15 बजे। स्थान: कचहरी रोड
कचहरी रोड पर पीएनबी के एटीएम की हालत खराब मिली। यहां गार्ड बैठा है। जबकि एटीएम का आधा शटर डाउन है। एटीएम में नेटवर्किंग की खराबी होने के कारण पैसा नहीं निकल रहा है। यह हालात एक दो रोज से नहीं है, नोटबंदी के बाद से यही हाल है। एटीएम में कैश रखने में बैंक गुरेज कर रहे हैं।
3-समय 1:30 बजे। स्थान: रुड़की रोड
एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के एटीएम नजदीकी दूरियों पर है। दोनों एटीएम से रुपये निकालने के लिए ग्राहक पहुंचे है, लेकिन काफी देर तक कार्ड लगाकर प्रयास किया। चंद मिनटों बाद एटीएम ने सॉरी नो केश की सूचना दे दी। मायूस ग्राहक एटीएम से लौट गए।
4-समय 1:45 बजे। स्थान: रेलवे रोड
रेलवे रोड पर एसबीआई की मुख्य शाखा है। पास ही एटीएम के साथ डिपाजिट मशीन भी लगी है। यहां रुपये निकालने के लिए लाइन लगी मिली। एटीएम पर रुपये निकालने के लिए ग्राहक खड़े हैं। यह भी दिन ढलते ही खत्म होने का संदेश जारी देता है।
परवान नहीं चढ़ी कैशलेस व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। नोटबंदी के बाद कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए स्वाइप मशीन लगाई गई, लेकिन व्यवस्था अधिक रूप से प्रभावी नहीं हो सकी है। पेट्रोल पंप, छोटे-बड़े दुकानदारों ने पेटीएम, स्वाइप मशीनों का प्रयोग किया। वक्त के साथ यह सब बदल गया। फिर से वही पुराने ढर्रे पर काम होने लगा है। कुछेक शोरूमों, पेट्रोल पंपों और दुकानों को छोड़कर अन्य सब स्थानों पर कैश भुगतान किया जा रहा है।
कांग्रेस ने काली पट्टी बांध विरोध जताया
नोटबंदी के केंद्र सरकार के निर्णय को गलत बताते हुए एक साल पूरा होने पर रालोद ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। रालोद कार्यकर्ताओं ने हाथ में तख्ती लेकर नोटबंदी का विरोध जताया। देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया।
काला धन सामने लाने के बीजेपी के वादों को धोखा बताया। प्रदर्शनकारियों में जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, अभिषेक चौधरी, सुधीर भारतीय, मुर्तजा सलमानी, हर्ष राठी आदि शामिल रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर हाथ पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। कचहरी में प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष नानू मियां, हरेंद्र त्यागी, मुकेश शर्मा, जगदीश अरोरा ने नोट बंदी को देश के लिए नुकसान पहुंचाने वाली बताया।
यह भी आरोप लगाया कि नोटबंदी के सहारे भाजपा नेताओं ने बड़ा खेल किया है। कांग्रेस पहले दिन से ही नोटबंदी का विरोध कर रही है। इन्हीं के साथ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी का एक वर्ष पूरा होने पर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कामिल, राशिद मलिक, सैयाद अली, हुसैन अहमद, राजउलहक, बिसंबर सिंह, आबिद आदि रहे।