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Muzaffarnagar News: पति ने पढ़ाया और फूफा ने सिखाई राजनीति
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मुजफ्फरनगर। धौलरा की बेटी मिथलेश पाल की जिंदगी में कईं मोड़ आए। शादी के बाद पति अमरनाथ पाल के कहने पर दोबारा पढ़ाई शुरु की। बिलासपुर में रहने वाले फूफा ने राजनीति में उतरने की सलाह दी। इसके बाद मिथलेश साल 1993 से बसपा में सक्रिय हुईं।
चरथावल विधानसभा के गांव धौलरा के डॉ. जगबीर सिंह की बेटी मिथलेश पाल का विवाह वर्ष 1982 में बान नगर निवासी सेल टैक्स विभाग में कार्यरत रहे अमरनाथ पाल के साथ हुआ था। इसी साल मिथलेश दसवीं में फेल हो गईं। पति ने 1983 में दोबारा 10वीं की पढ़ाई कराई। 1988 में स्नातक की।
गृहिणी के तौर पर वह जिंदगी बसर कर रही थी। बिलासपुर निवासी और वर्तमान में शहर की भरतिया कॉलोनी निवासी फूल सिंह पाल ने अपनी भतीजी मिथलेश को राजनीति में उतरने की सलाह दी। पति ने हरी झंडी दी तो मिथलेश बसपा में सक्रिय हो गईं। तब से अब तक करीब तीन दशक लंबे राजनीतिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहे।
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बेटी सुप्रिया पाल थी टिकट की दावेदार : उपचुनाव में मिथलेश पाल के अलावा उनकी बेटी सुप्रिया पाल टिकट की दावेदार थीं। भाजपा के अलावा रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह से भी सुप्रिया की मुलाकात हो चुकी थी। लेकिन रालोद के रणनीतिकारों ने नए चेहरे के बजाए मिथलेश के राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें ही टिकट दिया।
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चरथावल विधानसभा के गांव धौलरा के डॉ. जगबीर सिंह की बेटी मिथलेश पाल का विवाह वर्ष 1982 में बान नगर निवासी सेल टैक्स विभाग में कार्यरत रहे अमरनाथ पाल के साथ हुआ था। इसी साल मिथलेश दसवीं में फेल हो गईं। पति ने 1983 में दोबारा 10वीं की पढ़ाई कराई। 1988 में स्नातक की।
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गृहिणी के तौर पर वह जिंदगी बसर कर रही थी। बिलासपुर निवासी और वर्तमान में शहर की भरतिया कॉलोनी निवासी फूल सिंह पाल ने अपनी भतीजी मिथलेश को राजनीति में उतरने की सलाह दी। पति ने हरी झंडी दी तो मिथलेश बसपा में सक्रिय हो गईं। तब से अब तक करीब तीन दशक लंबे राजनीतिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहे।
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बेटी सुप्रिया पाल थी टिकट की दावेदार : उपचुनाव में मिथलेश पाल के अलावा उनकी बेटी सुप्रिया पाल टिकट की दावेदार थीं। भाजपा के अलावा रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह से भी सुप्रिया की मुलाकात हो चुकी थी। लेकिन रालोद के रणनीतिकारों ने नए चेहरे के बजाए मिथलेश के राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें ही टिकट दिया।