फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar: Kazikheda became 'Jamtara', three arrested including illegal telephone exchange

Muzaffarnagar: काजीखेड़ा बना 'जामताड़ा', अवैध टेलीफोन एक्सचेंज समेत तीन पकड़े, 20 हजार कॉल से 10 करोड़ की ठगी

Fri, 06 Jun 2025 07:43 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 06 Jun 2025 07:43 PM IST
सार

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि बुढ़ाना मोड़ के पास काजीखेड़ा निवासी मोसीन, उसका बहनोई मेरठ निवासी फिरोज और रिश्तेदार ककरौली निवासी सद्दाम हुसैन को पकड़ा है। सद्दाम आईटीआई डिप्लोमा होल्डर है। 

विज्ञापन
Muzaffarnagar: Kazikheda became 'Jamtara', three arrested including illegal telephone exchange
पकड़े गए तीनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर पुलिस और दूर संचार विभाग की टीम ने तितावी थाना क्षेत्र के काजीखेड़ा गांव से संचालित किए जा रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया। वीओआईपी (वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) के जरिए कॉल परिवर्तित कर तीन महीने में 20 हजार कॉल के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की गई। सरकार को राजस्व का चूना लगाया गया। आईटीआई डिप्लोमा धारक सद्दाम सहित तीन आरोपी पकड़े गए।
विज्ञापन

पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि बृहस्पतिवार देर रात बुढ़ाना मोड़ के पास काजीखेड़ा निवासी मोसीन, उसका बहनोई मेरठ के मवाना निवासी फिरोज और रिश्तेदार थाना ककरौली के गांव कम्हेड़ा निवासी सद्दाम हुसैन को कार से गिरफ्तार किया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

संदिग्ध सामान बरामद होने पर पूछताछ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किए जाने की जानकारी मिली। आरोपी देश-विदेश में बैठे अन्य साथियों की कॉल को ठगी के लिए वीओआईपी (वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) के जरिये ट्रांसफर करते थे।

 
विज्ञापन

मास्टरमाइंड मवाना के जुनैद समेत पुलिस तीन आरोपियों की तलाश कर रही है। जुनैद ने सिम बॉक्स का काम सिखाया था। महाराष्ट्र, करनाल, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब समेत अन्य प्रदेशों के लोगों को गुमराह कर उनके नाम पर सिमकार्ड खरीदे गए, जिनका प्रयोग सिम बॉक्स में किया जा रहा था। वर्चुअल आईडी से एनी डेस्क और टीम वीवर मिरर एप के माध्यम से कॉल होती थी।
 

ये सामान हुआ बरामद
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत और एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन सिम बॉक्स, चार वाई-फाई राउटर, तीन एंड्रायड सहित सात मोबाइल, 40 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, दो एटीएम कार्ड, केबिल बरामद हुआ है।
 

क्या है वीओआईपी कॉल
इंटरनेट के जरिए की जाने वाली वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल के जरिए कॉल करने वाले की पहचान छिप जाती है। साइबर ठगी के बाद पुलिस के लिए ट्रेस करना मुश्किल होता है। उधर, अंतरराष्ट्रीय कॉल का टैक्स नहीं जमा कर यह गिरोह सरकार को राजस्व की भी हानि पहुंचा रहा था।
 

काजीखेड़ा से होती थी कॉल ट्रांसफर
पकड़े गए तीनों आरोपियों को गिरोह के सदस्य नंबर देकर कॉल ट्रांसफर कराते थे, जिसकी एवज में तीनों आरोपियों को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेशी मुद्रा मिलती थी। बाद में इसे भारतीय मुद्रा में एक्सचेंज कराया जाता था। सारा पैसा सद्दाम के खाते में आता था।

यह भी देखें...
UP News: मेरठ में मिले कोरोना के छह मरीज, एक मेडिकल कालेज में भर्ती, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट    


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed