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Muzaffarnagar: पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को हाईकोर्ट से मिली राहत, जानें शाहनवाज राना वाले केस का क्या है हाल

Fri, 04 Jul 2025 06:34 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 04 Jul 2025 06:34 PM IST
सार

Court News: जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना के पास से चेकिंग के दौरान मोबाइल बरामद हुआ था। आरोप है कि सिम कार्ड उनके समधि मोहम्मद गाजी ने किसी और की आईडी पर निकलवाकर राना को उपलब्ध कराया था।

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Muzaffarnagar: Former MLA Mohammad Ghazi gets relief from High Court, know the status of Shahnawaz Rana case.
पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजनौर की बढ़ापुर सीट के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को सिम के प्रकरण में राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की जमानत अर्जी स्वीकृत कर ली। गाजी को फर्जीवाड़े व सिम को शाहनवाज राना के परिजनों तक पहुंचाने का आरोपी बनाया गया है।
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जिला कारागार में 25 मार्च की रात चेकिंग के दौरान जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना से मोबाइल बरामद हुआ था। नई मंडी कोतवाली पुलिस की विवेचना में सामने आया कि बरामद सिम शेरकोट के समीर की आईडी पर लिया गया था। 
 
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समीर ने पूछताछ में बताया था कि उसकी आईडी बिजनौर के बढ़ापुर के पूर्व विधायक और शाहनवाज राना के समधी मोहम्मद गाजी के पास थी। मोहम्मद गाजी ने फर्जीवाड़ा कर समीर की आईडी पर सिम निकलवाया था। जिसके चलते नई मंडी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।  इस प्रकरण में निचली अदालत से जमानत अर्जी निरस्त हो जाने के बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के बाद उन्हें जमानत मिल गई है।
 
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अब इस मामले में जेल में बंद हैं शाहनवाज
सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रद्युम्न चौधरी ने पिछले साल नौ दिसंबर को सिविल लाइन थाने में सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर पूर्व विधायक के बेटे शाह आजम राना के अलावा कामरान राना, जिया अब्बास जैदी और तौसीफ कुरैशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। 
वादी का कहना था कि जंबूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले। राना को पहले जीएसटी टीम पर हुए हमले का आरोपी बनाया गया था।

 
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