{"_id":"61a74779fb267d530d5831bf","slug":"muzaffarnagar-five-accused-in-fire-case-during-riots-acquitted-due-to-lack-of-evidence","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरनगर दंगा: कोर्ट में गवाही से मुकरा दंगा पीड़ित, अब चलेगा केस, पांच आरोपी हुए थे बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुजफ्फरनगर दंगा: कोर्ट में गवाही से मुकरा दंगा पीड़ित, अब चलेगा केस, पांच आरोपी हुए थे बरी
Thu, 02 Dec 2021 07:17 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 02 Dec 2021 07:17 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान हुई आगजनी के मामले में सुनवाई के दौरान वादी मुकर गया। उसने कोर्ट में नामजद आरोपियों के घटना को अंजाम दिए जाने की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया।
विज्ञापन
Muzaffarnagar riots
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान हुई आगजनी के मामले में मुकदमा दर्ज कराने के बाद गवाही से मुकरे दंगा पीड़ित पर ही कोर्ट ने 344 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है। संबंधित मुकदमे में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में पांच आरोपियों को बरी कर दिया था।
विज्ञापन
दंगा पीड़ित ने कोर्ट में नामजद आरोपियों के घटना को अंजाम दिए जाने की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि वह तो घटना से पहले ही मलकपुर कैंप चला गया था। घटना के 10-12 दिन बाद टाइपशुदा कागज पर उसके दस्तखत कराए गए थे। इस मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में पांचों आरोपियों को बरी कर दिया था।
विज्ञापन
ये था मामला
मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान बहावड़ी गांव में हुई आगजनी के मामले में पांच आरोपियों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। एडीजे-6 बाबूराम ने सुनवाई की। अधिवक्ता राहुल चौधरी ने बताया कि फुगाना थाना क्षेत्र के बहावड़ी गांव निवासी नानू ने गांव के ही विनोद, कपिल, नरेश और आशीष समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: मेरठ: बंद मकान से आ रही थी भयंकर बदबू, दरवाजा खोला तो हैरान रह गए परिजन, बेड पर सड़ रहा था बेटे का शव
वादी का कहना था कि आरोपियों ने दंगे के दौरान उसके घर में आगजनी की है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।