मेरठ के शास्त्रीनगर में एक व्यापारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मकान से भयंकर बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने अनहोनी का संदेह जताया और परिजनों को जानकारी दी। परिजन आगरा से मेरठ पहुंचे और मकान का दरवाजा खोला तो हैरान रह गए। घर के एक कमरे में बेटे की लाश बेड पर सड़ रही थी, जिससे भीषण बदबू उठ रही थी। पड़ोसी भी ये दृश्य देखकर हैरान रह गए और पुलिस को सूचना दी। वहीं व्यापारी की मां का रो रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
मेरठ: बंद मकान से आ रही थी भयंकर बदबू, दरवाजा खोला तो हैरान रह गए परिजन, बेड पर सड़ रहा था बेटे का शव
स्क्रैप व्यापारी निर्देश गौतम की शादी 18 साल पहले आगरा की मंजू गौतम से शादी हुई थी। निर्देश के दो बहनें हैं। बड़ी बहन अंजली आगरा और छोटी बहन कासगंज में अपनी ससुराल में रहती है। शास्त्रीनगर एल ब्लाक में निर्देश अपनी पत्नी मंजू और मां मीना गौतम के साथ रहते थे।
दंपती के कोई संतान नहीं थी। दोनों के बीच विवाद रहता था। 19 अक्तूबर को सास-बहू में झगड़ा हुआ था। आरोप है कि मीना गौतम की पिटाई पुत्रवधू मंजू ने कर दी थी। मीना गौतम की रीढ़ की हड्डी भी टूट गई। इसके बाद मीना अपनी बेटी अंजली के पास आगरा स्थित बालाजीपुरम में चली गईं।
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15 दिन पहले दंपती के बीच फिर विवाद हुआ, जिसके बाद मंजू अपने पति को छोड़कर आगरा अपने मायके में चली गई। एक सप्ताह से मीना गौतम अपने बेटे निर्देश को लेकर चिंतित थीं। उन्होंने बेटी अंजली और दामाद देवेश से मेरठ चलने को कहा। पांच-छह दिन से देवेश अपने साले को कॉल कर रहे थे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था।
मंगलवार शाम चार बजे देवेश, अंजली और मीना शास्त्रीनगर में निर्देश की कोठी पर पहुंचे। दरवाजे का कुंडा लगा था, जिसे खोलकर वे अंदर आ गए। एक कमरे से बदबू आ रही थी। तीनों जैसे ही कमरे में गए तो निर्देश का काला पड़ चुका और फूल चुका शव पड़ा था। जानकारी लगते ही लोगों की भीड़ लग गई।
मेडिकल थाने की पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। बहन और बहनोई ने मंजू पर हत्या का अंदेशा जताया है। पुलिस अंजू से भी जानकारी ले रही है। हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
बस कोठी पर थी नजर
14 साल से निर्देश गौतम कोई काम नहीं करते थे। अधिवक्ता आरपी गौतम का सामान बेचते रहे और परिवार का पेट पालते रहे। अंत यह हुआ कि परिवार की आर्थिक कमर टूट गई और परिवार भुखमरी की कगार पर खड़ा हो गया। अब सबकी नजर कोठी पर थी।
कोठी बिकेगी तो पैसा भी आ जाएगा। कोठी कौन बेचेगा और पैसा किसके पास जाएगा, इसको लेकर ही परिवार में विवाद था। यही कारण रहा निर्देश की मौत का। यह लालच में की गई हत्या है या डिप्रेशन में आकर निर्देश ने आत्महत्या की।