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दो दशक में अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा मौलाना

Fri, 24 Sep 2021 12:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 12:05 AM IST
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Maulana became the owner of immense property in two decades
मुजफ्फरनगर : खतौली के गांव फुलत में मदरसे के छात्रावास में लगा ताला। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
दो दशक में अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा मौलाना
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मुजफ्फरनगर। धर्मांतरण प्रकरण में संलिप्त पाया गया मौलाना कलीम सिद्दीकी महज दो दशक में अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा। उसकी कृषि भूमि भी पांच गुणा से अधिक होकर ढाई सौ बीघा तक जा पहुंची, जबकि मकानों की संख्या भी 12 से अधिक हो गई। यहां तक कि गांव व आसपास क्षेत्र में बिकने वाली हर संपत्ति का पहला खरीदार मौलाना सिद्दीकी ही होता है।

रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव फुलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी के पिता मोहम्मद अमीर सिद्दीकी के पास करीब 225 बीघा कृषि भूमि थी। यह कृषि भूमि मौलाना कलीम सिद्दीकी व उनके तीन अन्य सगे भाइयों डॉ. मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, अधिवक्ता मोहम्मद अलीम सिद्दीकी व मौलाना मोहम्मद हलीम सिद्दीकी के पास बराबर-बराबर बंट गई थी। ग्रामीणों की मानें तो गांव में मदरसे की स्थापना करने के कुछ समय बाद वर्ष 2000 तक मौलाना कलीम सिद्दीकी सामान्य जीवन जीते रहे, लेकिन इसके बाद अचानक उनकी संपत्तियों में बेहिसाब इजाफा होने लगा। आलम यह हुआ कि वर्ष 2005 आते-आते मौलाना की संपत्ति कई गुणा बढ़ गई। उनकी कृषि भूमि करीब 55 बीघा से बढ़कर 250 बीघा से भी अधिक जा पहुंची। वहीं, गांव फुलत में एक दर्जन से अधिक मकानों के साथ ही खतौली में भी एक मकान और दिल्ली के शाहीनबाग क्षेत्र में भी कई आवासीय संपत्तियां होने की जानकारी ग्रामीणों को है। इसके बाद वर्ष 2006 में मौलाना कलीम सिद्दीकी दिल्ली के शाहीन बाग में जाकर रहने लगे, जबकि बड़ा बेटा अहमद सिद्दीकी गांव में ही रहकर पशुओं की डेयरी करने लगा। ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में गांव व आसपास क्षेत्र में बिकने वाली किसी भी संपत्ति के सबसे पहले खरीदार मौलाना कलीम ही होते हैं। वहीं, गांव फुलत में स्थित मौलाना सिद्दीकी के एक दर्जन से अधिक मकानों में उनके मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षक ही अपने परिवार के साथ रहते हैं, जो सभी बुधवार रात अचानक इन मकानों को बंद कर भूमिगत हो गए हैं।
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